
तहसील से ठीक 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रामगढ़ क्रेटर, इसे विश्व की 200वीं धरोहर का संवैधानिक दर्जा मिला है। इन दिनों इसका नजारा खासा मनोरम बन गया है। अब यहां पर विदेशी पर्यटकों का भी आना शुरू हो गया है। रामगढ़ के साथ साथ भंडदेवरा, जिसे मिनी खजुराहो का दर्जा दिया गया है। वह भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
विश्व धरोहर रामगढ़ क्रेटर पर पहुंचने लगे देशी और विदेशी सैलानी
किशनगंज. तहसील से ठीक 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रामगढ़ क्रेटर, इसे विश्व की 200वीं धरोहर का संवैधानिक दर्जा मिला है। इन दिनों इसका नजारा खासा मनोरम बन गया है। रामगढ़ निवासी महावीर राठौर ने बताया कि यहां हर वर्ष काफी संख्या में जिले व राज्य से लोग सावन मास में आते हैं। अब यहां पर विदेशी पर्यटकों का भी आना शुरू हो गया है। रामगढ़ के साथ साथ भंडदेवरा, जिसे मिनी खजुराहो का दर्जा दिया गया है। वह भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। विश्व भर में रामगढ़ का नाम होने से सभी क्षेत्र वासियों के मन में भी खुशी की लहर है। और बताया कि अभी यहां पर आने के लिए लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मध्यप्रदेश से जोडऩे वाली सडक़ कालापट्टा व मांगरोल सडक़ की जर्जर अवस्था यहां आने वालों को परेशान करती है। जल्द ही यहां पर सरकार के वादे अनुसार पर्यटकों के लिए उचित व्यवस्था के प्रबंध किए जाएंगे। इससे यहां पर आने वाले सैलानियों को सुचारू सुविधाएं मिल सकेंगी।
संभाग स्तर के बड़े शहरों में रामगढ़ क्रेटर मार्ग को दर्शाने वाले दिशा सूचक संदेश लगे। इससे लोगों को बार-बार किसी से यहां आने का रास्ता न पूछना पड़े और दूरी का भी पता लग सके।
योगेश सोनी, व्यापार संघ अध्यक्ष
सडक़ों का गुणवत्ता से निर्माण हो। इससे सैलानियों को आसानी होगी। किशनगंज मुख्यालय पर विश्व धरोहर रामगढ़ क्रेटर की जानकारी को लेकर एक कार्यालय स्थापित किया जाए।
मुकेश गुरदिया, भाजपा नेता
सरकार रोडवेज बसों का आवागमन शुरू करे। इससे पर्यटकों को ज्यादा व्यय खर्च करके नहीं आना पड़ेगा। सामान्य सैलानी अपने परिवार के साथ यहां कम खर्च पर आकर घूम सकेंगे।
नवीन नागर, समाजसेवी
सरकार द्वारा सर्व समाज धर्मशाला का निर्माण भी होना बहुत आवश्यक है। धर्मशाला न होने के कारण बाहर से आए हुए पर्यटकों को अपने निर्धारित समय से विश्व धरोहर रामगढ़ क्रेटर को देखकर अपने गंतव्य की ओर निकालना पड़ता है।
महावीर राठौर, समाजसेवी
सैलानियों व किशनाई माता मंदिर के भक्तों के लिए जल्द रोपवे जैसी सुविधा मिल सके। इससे सैलानियों को क्रेटर देखने वह भक्तों को माता के दर्शन में परेशानी नहीं होगी। सभी दर्शन कर व कुदरत के इस सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे।
राकेश सनोठिया, युवा मोर्चा मंडल उपाध्यक्ष
Published on:
30 Jul 2024 11:44 am

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