मांगरोल. लक्ष्मण द्वारा रावण की बहन शूर्पनखा की नाक और कान काट कर कुरुप बना देने से कुपित रावण ने सीता का हरण कर लिया। सीता के सुंदर मृग देख मोहित होने व भगवान राम से मृग को मारकर मृगछाला लाने को कहने पर राम का बाण मारीच को लगते ही हा….लक्ष्मण पुकारने व पुकार सुन सीता के व्यथित होने व लक्ष्मण को रवाना करने के बाद पीछे से आए रावण ने सीता का हरण कर लिया। यह दृश्य जब जटायु ने देखा तो रावण से सीता को छुड़ाने के लिए युद्ध किया, लेकिन मारा गया। राम के लौटने पर घायल जटायु ने राम को सारा वृतांत बताया।
सोमवार की रात यहां कुंज चैक पर चैत्र सुदी एकम से चल रही ढ़ाई कड़ी दोहे की रामलीला के छठे दिन सीताहरण, जोगी रावण आगमन की लीला का मंचन किया गया। इससे पहले सजाई रासलीला की झांकी की आरती अतिथियों अनिता पोरवाल, विहिप प्रखंड अध्यक्ष ललित गौतम,धर्मेन्द्र चैरासिया, पार्षद जयप्रकाश सुमन, हितेश चोपड़ा ने आरती की। कमेटी के अध्यक्ष हिमांशु मुकाती ओमप्रकाश शर्मा, नंदन सोनी ने अतिथियों का स्वागत किया। रामलीला देखने बड़ी संख्या में आए दर्शक देर रात तक डटे रहे।