
Settlement settled in the middle of river
बारां. अवैध खनन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। पूर्व में पार्वती नदी के कुछ हिस्सों में अवैध रूप से पत्थर-बजरी निकाले जाते थे, लेकिन अब खननकर्ताओं के निशाने पर पूरी नदी है। जिले की सीमा में पहले छोर से लेकर अंतिम छोर तक नदी को छलनी किया जा रहा है। खननकर्ताओं के हौंसले इस कदर बुलन्द हैं कि नदी में खनन में जुटे सैंकड़ों श्रमिकों को बीच नदी में ही बसा दिया। इस नदी में दूर-दूर तक श्रमिकों की टापरियां बन गई है। नदी से निकल रहा पत्थर कहां पहुंच रहा है, यह सब जानते हैं, पूर्व में एक जिला कलक्टर ने भी इसकी जांच कराई थी तो हड़कम्प मच गया था। इधर, किशनगंज तहसील में खेड़ली से आगे गोपालपुरा के पास जंगलात में मशीनों से ब्लास्टिंग व पत्थर निकालने की शिकायत शुक्रवार को वन विभाग को मिली तो बारां से मौके के लिए गश्ती टीम रवाना की गई।
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सुबह से रात तक नदी में बसेरा
फोरलेन हाइवे के पार्वती पुल के दोनों ओर श्रमिकों की दर्जनों टापरियां दूर-दूर तक दिखती है। यहां के अलावा अन्य जगहों पर भी ऐसी टापरियां बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार महकमों को शायद ये नहीं दिख रही। टापरियों में बसेरा करने वाले श्रमिक सुबह से लेकर रात तक पत्थर तोडऩे, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरने व बजरी निकालने के काम में लगे रहते हैं। विशेष बात यह है कि खनन स्थलों पर ही श्रमिकों के मासूम बच्चे भी मौजूद रहते हैं। खनन स्थलों पर कई बार हादसों के बावजूद ऐसे हालातों को अनदेखा करना भारी पड़ सकता है।
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बदलते हैं जगह, नहीं रुकता खनन
महकमोंं की सख्ती के चलते अवैध खननकर्ताओं द्वारा जगह बदली जाती है, खनन नहीं रुकता। कार्रवाई के डर के चलते फोरलेन हाइवे किनारे की जगह कामठा, हीकड़, रामगढ़ आदि जगहों की ओर रुख कर लिया जाता है। इसके अलावा पिछले महीनों तो दिन में कार्रवाई के डर के बीच दिन की जगह रात के समय नदी में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दौड़ाई गई।
चटका रहे हैं चट्टानें
किशनगंज तहसील में गोपालपुरा के पास खेड़ली गांव से कुछ ऊपर जंगलात की सीमा में मशीनें लगाकर ब्लास्टिंग की जा रही है, पत्थर निकाले जा रहे हैं। किसान महापंचायत की ओर से शुक्रवार को इसकी शिकायत बारां में वन विभाग के अधिकारियों को की गई। किसान महापंचायत के पदाधिकारियों ने बताया कि वन विभाग की स्वीकृति के बिना अवैध रूप से ब्लास्टिंग मशीनों व जेसीबी से खनन व खुदाई कार्य शुरू किया गया है। इसकी शिकायत क्षेत्रीय वन अधिकारी को करने के बाद मौके पर फोरेस्टर पहुंचे, जेसीबी को पकड़ा गया लेकिन बाद में छोड़ दिया गया। किसान प्रतिनिधियों के अनुसार इसके बाद संभाग प्रभारी सत्यनारायण सिंह, पूर्व सरपंच राजीव त्यागी, अरविन्द चौधरी, जगदीश सुमन आदि बारां में उप वन संरक्षक से मिले व ज्ञापन दिया। साथ में वन भूमि खसरा नम्बर 166, 167 की नकल व नक्शा भी संलग्न किया गया। वन विभाग सूत्रों के अनुसार शिकायत के बाद बारां से गश्ती दल को मौके के लिए रवाना किया गया।
Published on:
20 Jan 2018 04:57 pm
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