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कोर्ट ने नगर परिषद के सभापति व आयुक्त कक्ष की कुर्की की

कोटा वाणिज्यक कोर्ट के आदेश पर बारां जिला न्यायालय से कुर्की के आदेश लेकर सेल अमीन पहुंचे। उन्होंने आयुक्त तथा सभापति कक्ष के कुर्सी, फर्नीचर तथा एसी की कुर्की करने की प्रक्रिया की

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बारां

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Mukesh Gaur

Jun 03, 2025

कोटा वाणिज्यक कोर्ट के आदेश पर बारां जिला न्यायालय से कुर्की के आदेश लेकर सेल अमीन पहुंचे। उन्होंने आयुक्त तथा सभापति कक्ष के कुर्सी, फर्नीचर तथा एसी की कुर्की करने की प्रक्रिया की

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संवेदक के कोर्ट खर्च व ब्याज के बकाया हैं 42 लाख रुपए

बारां. नगर परिषद में संवेदक की 5 वर्ष से बकाया राशि के मामले में शेष रहे ब्याज तथा कोर्ट खर्च के 42 लाख रुपए तय समय सीमा में भुगतान नही करने को लेकर कोटा वाणिज्यक कोर्ट के आदेश पर बारां जिला न्यायालय से कुर्की के आदेश लेकर सेल अमीन पहुंचे। उन्होंने आयुक्त तथा सभापति कक्ष के कुर्सी, फर्नीचर तथा एसी की कुर्की करने की प्रक्रिया की गई।
डीजे कोर्ट के सेल अमीन सुरेन्द्र ओझा ने बताया कि जयपुर की कंट्रक्शन कम्पनी का करीब 5 साल पुराना भुगतान नहीं हुआ था। जिसे वाणिज्य न्यायालय कोटा के आदेश से भुगतान करवाया गया था। बाद में संवेदक के कोर्ट खर्च तथा ब्याज राशि के 42 लाख रुपए के भुगतान के लिए अप्रेल माह में फिर से कुर्की के आदेश लेकर पहुंचे थे। जहां पर नगर परिषद के अधिकारी ने सभापति नही होने की बात कहते हुए इस राशी का भुगतान दो-दो लाख रुपए की किश्त के आधार पर करने पर सहमति बनी। लेकिन नगर परिषद ने अभी तक भुगतान नहीं करने के कारण कुर्की के आदेश के साथ पहुंचे थे। जहां फिर से समय मांगा गया, लेकिन डिक्रीदार ने समय देने से इंकार कर दिया। इसके बाद जहां पर आयुक्त तथा सभापति कक्ष की कुर्सी फर्नीचर तथा एसी को कुर्की की प्रक्रिया की गई। भुगतान नहीं करने पर इनकी नीलामी की जाएगी।

वही नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त अनिल चौधरी ने बताया कि ब्याज व कोर्ट खर्च के 42 लाख रुपए के भुगतान को लेकर एकाउंट सेक्शन से बात की गई थी। जिन्होंने बताया कि निर्माण कार्य का भुगतान तो किया जा सकता है। लेकिन इस भुगतान को सभापति के बिना नही किया जा सकता है। अब सभापति आ गई है, मंगलवार को वाणिज्य कोर्ट कोटा के समक्ष पेश होकर एक माह का ओर समय देने की प्रार्थना की जाएगी। इस दौरान एक मुश्त भुगतान करवा दिया जाएगा।

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