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फिर शुरू हुआ नदी का सीना चीरने का खेल

पार्वती में हथौड़ो की गूंज थमी, लेकिन बजरी खनन में जुटे मजदूर...किशनगंज. अवैध खनन के लिए मशहूर हो चुकी पार्वती नदी में इन दिनों हथौड़ो की गूंज पर सन्नाटा पसरा हुआ है
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बारां

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MAHESH GOSWAMI

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Updated: 16 May 2020, 6:42 PM IST

फिर शुरू हुआ नदी का सीना चीरने का खेल

फिर शुरू हुआ नदी का सीना चीरने का खेल

पार्वती में हथौड़ो की गूंज थमी, लेकिन बजरी खनन में जुटे मजदूर...किशनगंज. अवैध खनन के लिए मशहूर हो चुकी पार्वती नदी में इन दिनों हथौड़ो की गूंज पर सन्नाटा पसरा हुआ है लेकिन बजरी खनन का जोरो पर शुरू का चुका है कोरोना संक्रमण के दोरान लॉक डाउन के चलते यहां प्रशासन की सख्ती से मजदूर अपने घरों को लौटने से पत्थर बजरी खनन पर अंकुश लग गया था हालांकि छुटपुट मजदूर बजरी खनन करने में जुटे थे पत्थर खनन पर मजदूरों के चले जाने से सन्नाटा पसरा हुआ है बजरी खनन करने वाले मजदूर वापस लौटने से फिर से पार्वती नदी में बजरी का खनन जोरों पर शुरू हो गया है नदी क्षेत्र में करीब सैकड़ों मजदूर रोजाना बजरी खनन का कार्य कर रहे हैं यहां काम करने वाले मजदूर गहरे पानी में उतर कर सर पर तगारिया रखकर गहरे पानी से बजरी निकालने में जुटे हुए हैं

नदी क्षेत्र में पत्थर खनन पर सन्नाटा
अवैध खनन के लिए मशहूर हो चुकी पार्वती नदी में इन दिनों पत्थर का खनन बंद है पत्थर खनन में जुटे मजदूर परिवारों को प्रशासन द्वारा लॉक डाउन के दौरान नदी से निकालकर घरों को भेज देने से पत्थर खनन पर अंकुश लगा है हथोडो की गूंज पर लॉक डाउन का सन्नाटा पूरी तरह पसरा हुआ है फिलहाल नदी क्षेत्र में हथौड़ो की गूंज बंद होने से राहत है

बजरी के बढ़े दाम
लॉक डाउन के कारण मजदूरों के चले जाने से बजरी के दामों में खासी वृद्धि हुई है फिलहाल करीब 70 से 80 मजदूर नदी क्षेत्र में वापस लौटकर बजरी खनन में जुटे हैं वर्तमान में 4000 से 5000 प्रति ट्रॉली तक बजरी के भाव हैं यहां रोजाना सैकडो ट्रॉली बजरी का अवैध खनन किया जा रहा है हालांकि पुलिस की सख्ती के चलते मजदूर चोरी-छिपे बजरी खनन कार्य में जुटे हुए हैं अधिकांश मजदूर सुबह व शाम के समय नदी से बजरी निकालने का काम कर रहे हैं।