7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

जीवाणु परीक्षण के लिए उठाए पानी के नमूने, क्लोरोफार्म का स्तर जांचा

राजस्थान पत्रिका ने जब हालात का जायजा लिया तो शहर की कई कॉलोनियों, बस्तियों में हालात ङ्क्षचताजनक पाए गए। इसके बाद सोमवार को जलदाय विभाग ने शहर के कई इलाकों में टीम भेजकर पानी के नमूने लिए और क्लोरोफार्म का स्तर जांचा।

2 min read
Google source verification

बारां

image

Mukesh Gaur

Jan 06, 2026

राजस्थान पत्रिका ने जब हालात का जायजा लिया तो शहर की कई कॉलोनियों, बस्तियों में हालात ङ्क्षचताजनक पाए गए। इसके बाद सोमवार को जलदाय विभाग ने शहर के कई इलाकों में टीम भेजकर पानी के नमूने लिए और क्लोरोफार्म का स्तर जांचा।

source patrika photo

हरकत में आया जलदाय विभाग, शहर के कई इलाकों में भेजी टीम

बारां. इंदौर में पिछले दिनों दूषित पानी से हुई मौतों के बाद पूरे देश में हडक़ंप मच गया। इसके बाद सरकारें और प्रशासन जागा। बारां में भी शहर के कई इलाकों में पानी की लाइनें नालियों से होकर गुजारी गई हैं। कई जगह इसमें रिसाव का भी खतरा है। राजस्थान पत्रिका ने जब हालात का जायजा लिया तो शहर की कई कॉलोनियों, बस्तियों में हालात ङ्क्षचताजनक पाए गए। इसके बाद सोमवार को जलदाय विभाग ने शहर के कई इलाकों में टीम भेजकर पानी के नमूने लिए और क्लोरोफार्म का स्तर जांचा।

विभाग का कहना है कि शहर में चार राइङ्क्षजग पाइपलाइन नालों के ऊपर से होकर निकाली गई है। यह अंबेडकर सर्किल, अस्पताल रोड, गांधी कॉलोनी के इलाके में हैं। जलदाय विभाग के एईएन अनिल गोचर का कहना है कि इसको केङ्क्षसग से कवर किया गया है। इसलिए लीकेज या गंदा पानी मिलने की आशंका नहीं के बराबर है। जहां ऐसी आशंका है, उसे सीमेंट कंक्रीट से कवर किया गया है।

यह कह रहा विभाग

पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता आलोक कुमार गुप्ता ने बताया कि शहर की जलापूर्ति पार्वती नदी स्थित हीकड़ देह एवं मजरावता देह स्थित इंटेकवेल से प्रतिदिन करीब 25 एमएलडी पानी का उत्पादन कर विभिन्न उच्च जलाशयों के माध्यम से वितरित की जा रही है। वितरित किए जाने वाले पानी को विभाग द्वारा पाठेड़ा ग्राम स्थित एवं अटरू रोड, बारां स्थित जल शोधन संयंत्र से शुद्धिकरण एवं क्लोरीनेशन उपरांत पेयजल के रूप में वितरित किया जा रहा है। विभाग द्वारा वितरित किए जा रहे पेयजल का नियमित रूप से विभागीय प्रयोगशाला में रासायनिक, जीवाणु परीक्षण एवं क्लोरीनेशन आदि की जांच की जा रही है।

यहां नलों को मिल रहा नालियों का साथ

गोदियापुरा कच्ची बस्ती, पुराने शहर के कई इलाकों में घरों से होने वाले कनेक्शन और इसकी मुख्य लाइनें नालियों से ही होकर गुजर रही हैं। यहां पर पाइप पुराने होने पर रिसाव होकर गंदा पानी मिक्स होने की आशंका है। विभाग का कहना है कि शाहाबाद दरवाजा, कुंजबिहार कॉलोनी, सुसावन बस्ती, बरडिया बालाजी क्षेत्र में यह समस्या अधिक है। इनका निराकरण किया जा रहा है।

पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया था मामला

4 जनवरी के अंक में राजस्थान पत्रिका ने बारां में प्रदूषित पानी का खतरा शीर्षक से समाचार का प्रकाशन किया। इसके बाद सोमवार को क्रम में विभाग ने पेयजल आपूर्ति के दौरान शहर की गोदियापुरा कच्ची बस्ती, शाहबाद दरवाजा, सुसावन बस्ती, बरडिय़ा बालाजी एवं कुंज बिहार आदि कॉलोनियों में जल के नमूने लेकर क्लोरोफॉर्म जांच की। अधिकारियों का कहना है कि उक्त स्थानों पर विभाग की ओर से रासायनिक एवं जीवाणु परीक्षण के लिए जल के नमूने लिए गए हैं, इनकी जांच करवाई जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि जिनके पाइप नालियों से जा रहे हैं, वे उसे स्थानांतरित करवाएं। पेयजल संबंधी समस्या की सूचना/शिकायत विभाग के मोबाइल नंबर 78500 22043 पर की जा सकती है।


बड़ी खबरें

View All

बारां

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग