
शादी के तोहफे-रकम को सेविंग पॉलिसी में इन्वेस्ट करें बेटियां
बारां. शादी में बेटी को मिले गए तोहफे, राशि और गहने यह सभी स्त्री धन के अंतर्गत आता है। शादी में फैमिली और रिलेटिव्स से इतने उपहार जमा हो जाते हैं कि सभी उपहारों की उपयोगिता असल में नहीं होती है। ऐेसे में शादी में मिले तोहफे और रकम को इन्वेस्ट करके सेविंग पॉलिसी की योजना तैयार की जा सकती है। शहर में अब इस तरह के कल्चर बढ़ रहा है, जहां पैरेंट््स शादी में बेटियों के लिए एफडी, आरडी और म्युचुअल फंड लेकर दे रहे हैं। यह जहां उनके भविष्य को स्ट्रॉन्ग बना रहा है, वहीं वर्तमान में भी फंङ्क्षडग की सुरक्षा प्रदान कर रहा है।
क्या है स्त्रीधन
शादी के दौरान बेटी को मिले गिफ्ट, गहने, साड़ी और अन्य राशि चाहे उसे मायके से मिली या फिर ससुराल से, इसे स्त्रीधन माना गया है। स्त्रीधन पर स्त्री का पूरा अधिकार होता है। स्त्रीधन दहेज से अलग है, क्योंकि यह वर पक्ष को दिया जाता है, लेकिन बेटी को मिले सभी उपहार और राशि उसकी स्वयं की होती है। ऐसे में वह चाहे तो सेङ्क्षवग स्कीम और अन्य इन्वेस्टमेंट के लिए इनका उपयोग कर सकती हैं।राशि की बनाएं एफडी
शादी में मिले धन को एफडी में इन्वेस्ट करना बेहतर होता है, क्योंकि यह भविष्य में बच्चों की शिक्षा, व्यापार और शादी से संबंधित समस्याओं के लिए भी सपोर्ट देता है। इसके साथ ही महिलाएं चाहे तो म्युचुअल फंड में मार्केट रिस्क की पॉलिसी को ध्यान में रखते हुए इन्वेस्ट कर सकती हैं। अब इंश्योरेंस और लाइफ कवर कम्पनीज भी कई तरह के प्लान महिलाओं को ऑफर करती हैं, जिसमें रिटर्न बेहतर मिलता है। अच्छी रिटर्न वाली स्कीम को ध्यान में रखते हुए इन्वेस्टमेंट किया जा सकता है।
महिलाओं को लेकर कई तरह की इन्वेस्टमेंट पॉलिसी हैं, जहां सेविंग में तरह-तरह की छूट के साथ अच्छा रिटर्न मिल रहा है। अच्छे प्लान के सिलेक्शन के साथ इन्वेस्टमेंट को चुनकर महिलाएं अपना भविष्य सुरक्षित कर सकती हैं।
दीपक गुप्ता, सीए
शादी में मिलने वाले स्त्रीधन को लेकर नियम साफ हैं। पहले से महिलाओं को इन नियमों से जुड़ी जानकारी होना चाहिए, तभी वे इसका उपयोग कर सकती हैं। महिलाएं शादी के बाद चाहें तो बिजनेस की शुरुआत मिलने वाले धन से कर सकती हैं।
अभिनव जैन, सीए
Published on:
05 Mar 2024 08:55 pm
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