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रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के पीएचडी प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित, 85 फीसदी अभ्यार्थी फेल

एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है जिसमें महज 15 प्रतिशत अभ्यार्थियों को ही सफलता मिली है।

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rohilkhand University

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बरेली। डॉक्टरेट की उपाधि पाने का सपना देख रहे 85 प्रतिशत अभ्यार्थी फेल हो गए हैं। दरअसल एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है जिसमें महज 15 प्रतिशत अभ्यार्थियों को ही सफलता मिली है। प्रवेश परीक्षा पास करने वाले अभ्यार्थियों का अब इंटरव्यू होगा जिसके आधार पर मेरिट बनेगी और मेरिट बनने के बाद उन्हें प्रवेश मिलेगा। यूनिवर्सिटी ने इंटरव्यू की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

पहली बार हुई प्रवेश परीक्षा

पीएचडी के लिए इस बार यूनिवर्सिटी ने पहली बार प्रवेश परीक्षा कराई थी। 26 फरवरी को पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया था। विभिन्न विषयों की साढ़े पांच सौ सीटों के लिए चार हजार परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया था जिसमें से तीन हजार छात्र ही प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे। यूनिवर्सिटी ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। जिसमें महज 15 प्रतिशत अभ्यर्थियों को ही सफलता मिली है। छात्र अपना नाम और रोल नंबर डालकर अपना रिजल्ट निकाल सकते हैं।

रिजल्ट पर खड़े हुए सवाल
यूनिवर्सिटी की तरफ से जारी किए गए पीएचडी प्रवेश परीक्षा के परिणाम पर भी सवाल उठने लगे हैं। यूनिवर्सिटी ने परीक्षा तो नेट जेआरएफ की तर्ज पर कराई थी, लेकिन आरक्षण के नियम का पालन नहीं किया और सभी अभ्यार्थियों का सामान्य में रिजल्ट जारी कर दिया। यूजीसी के नियम के मुताबिक़ नेट जेआरएफ में एससी, एसटी और ओबीसी को छूट मिलती है, लेकिन यूनिवर्सिटी ने ऐसा नहीं किया। रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्रों में इस बात का रोष भी दिखा। इसके साथ ही आंसर की न जारी करने पर विरोध हुआ है। कोई भी प्रतियोगी परीक्षा होती है तो उसकी आंसर की जारी की जाती है लेकिन यूनिवर्सिटी ने आंसर की जारी नहीं की। इसका भी अभ्यर्थियों ने विरोध किया। जहां छात्रों ने यूनिवर्सिटी में विरोध जताया, वहीं सोशल मीडिया पर भी इस बात का विरोध हो रहा है।


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