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डिप्टी सीएम हादसे के बाद नगर निगम पर गिरी गाज, 11 कर्मचारियों से जवाब-तलब, अब होगी ये कार्रवाई

घटना के बाद नगर आयुक्त के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने वीआईपी ड्यूटी में तैनात कैटल कैचर टीम के प्रभारी समेत नौ कर्मचारियों से जवाब तलब किया था। कैटल कैचर प्रभारी अरुण कुमार के नेतृत्व में 11 कर्मचारियों की टीम वेन के साथ मौके पर तैनात थी।

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नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य

बरेली। पीलीभीत रोड पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की कार से गाय टकराने की घटना के बाद नगर निगम में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग लगातार सड़कों पर घूम रही गायों के खिलाफ अभियान चला रहा है। पीलीभीत रोड समेत शहर के कई इलाकों में गायों को पकड़कर गोशालाओं में भेजा जा रहा है और जुर्माना भी लगाया जा रहा है।

घटना के बाद नगर आयुक्त के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने वीआईपी ड्यूटी में तैनात कैटल कैचर टीम के प्रभारी समेत नौ कर्मचारियों से जवाब तलब किया था। कैटल कैचर प्रभारी अरुण कुमार के नेतृत्व में 11 कर्मचारियों की टीम वेन के साथ मौके पर तैनात थी। टीम ने अपने जवाब में बताया कि वह ड्यूटी पर मौजूद थी और सतर्कता बरती जा रही थी।

नगर आयुक्त को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

स्वास्थ्य विभाग ने टीम से मिले जवाब के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे जल्द ही नगर आयुक्त को सौंपा जाएगा। इसके बाद नगर आयुक्त स्तर से आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उप नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नैन सिंह ने बताया कि जांच में कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने नहीं आई है।

एयरपोर्ट जाते समय हुआ था हादसा

बताया जा रहा है कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य 10 जनवरी को बरेली आए थे। फरीदपुर में जन चौपाल कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वह एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान पीलीभीत रोड पर अचानक गाय सामने आ गई और कार से टकरा गई। गनीमत रही कि उप मुख्यमंत्री इस हादसे में सुरक्षित बच गए।

पुलिस ने नगर निगम पर डाली जिम्मेदारी

हादसे के बाद पुलिस ने सड़कों पर घूम रहे गोवंश को लेकर नगर निगम की जिम्मेदारी तय की थी। इसके बाद नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी और उप नगर स्वास्थ्य अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान कैटल कैचर टीम को तैनात किया जाता है, लेकिन कई बार पुलिस बैरिकेडिंग कर देती है, जिससे टीम को मौके तक पहुंचने में दिक्कत होती है। इसी वजह से कुछ स्थानों पर गोवंश को हटाने में देरी हो जाती है।

अभियान तेज, 60 से ज्यादा गायें पकड़ी गईं

घटना के दूसरे ही दिन नगर निगम की टीमें सड़क पर उतर आईं। पीलीभीत रोड पर अभियान चलाकर 17 गायों को पकड़कर गोशाला भेजा गया। रविवार को बदायूं रोड पर 30 गायें पकड़ी गईं। अन्य इलाकों में भी अभियान जारी है और अब तक 60 से अधिक गायें पकड़ी जा चुकी हैं। नगर निगम ने साफ किया है कि गोवंश को पकड़ने के बाद दोबारा सड़कों पर छोड़ने वालों पर सख्ती बरती जाएगी। एक गाय को पकड़ने के बाद छुड़ाने पर 1500 रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है। नगर निगम का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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