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हर्षित मिश्रा के घर पहुंचे एचपीसीएल के बड़े अफसर… एक घंटे बंद कमरे में मंथन, बोले—दोषी नहीं बचेंगे

बदायूं के सैंजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में हुई घटना के बाद गुरुवार को कंपनी के एचआर निदेशक केएस शेट्टी खुद अफसरों की टीम के साथ मृत अफसर हर्षित मिश्रा के घर पहुंचे।

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बरेली। बदायूं के सैंजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में हुई घटना के बाद गुरुवार को कंपनी के एचआर निदेशक केएस शेट्टी खुद अफसरों की टीम के साथ मृत अफसर हर्षित मिश्रा के घर पहुंचे। जैसे ही अधिकारियों का काफिला पहुंचा, इलाके में हलचल तेज हो गई। परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया गया, लेकिन माहौल पूरी तरह भावुक और तनावपूर्ण बना रहा।

करीब एक घंटे तक अधिकारियों ने परिजनों के साथ बंद कमरे में बातचीत की। इस दौरान कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई, लेकिन अंदर क्या बात हुई, यह पूरी तरह सामने नहीं आ सका। सूत्रों के मुताबिक, परिवार ने कई गंभीर सवाल उठाए, जिनका जवाब अधिकारियों को देना पड़ा। बातचीत के बाद भी परिजनों के चेहरे पर संतोष कम और गुस्सा ज्यादा नजर आया।

हमने ईमानदार अफसर खोया, लेकिन सवालों के घेरे में सिस्टम

एचआर निदेशक केएस शेट्टी ने साफ कहा कि कंपनी ने एक ईमानदार और काबिल अफसर खोया है। अगर जरा भी अंदेशा होता तो इस घटना को टाला जा सकता था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विभागीय जांच तेजी से चल रही है और दोषी चाहे कोई भी हो, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। हालांकि, इस बयान के बाद भी सवाल यही उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई। वहीं मुलाकात के दौरान हर्षित के पिता ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मामले में विभाग के एक उच्च अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर जांच में वह दोषी पाया गया तो एचपीसीएल उसे बचाने की कोशिश न करे। इस पर अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष होगी और किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी।

पीएम से मुलाकात, सीएम मॉनिटरिंग, मामला पहुंचा सबसे ऊपर तक

घटना की गूंज अब दिल्ली और लखनऊ तक पहुंच चुकी है। एचपीसीएल चेयरमैन प्रधानमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं, जबकि निदेशक ने मुख्यमंत्री से भी इस मामले पर चर्चा की है। बताया गया कि सीएम खुद इस केस पर नजर रखे हुए हैं और रोजाना रिपोर्ट तलब की जा रही है। इससे साफ है कि मामला अब बेहद संवेदनशील हो चुका है। परिजनों ने एक बार फिर सीबीआई जांच की मांग दोहराई और कहा कि उन्हें स्थानीय जांच पर भरोसा नहीं है। साथ ही, मुख्य आरोपी के परिजन के शाहजहांपुर के एक गांव में छिपे होने की जानकारी भी अधिकारियों को दी गई। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिया। परिवार से मुलाकात के बाद टीम बदायूं के लिए रवाना हो गई, जहां पुलिस अफसरों के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।