
बरेली। दरगाह आला हज़रत पर गुरुवार को ईद का चांद देखने का एहतिमाम किया गया, लेकिन आसमान साफ रहने के बावजूद चांद नजर नहीं आया। इसके साथ ही तस्वीर साफ हो गई कि इस बार रमज़ान 30 रोजों का होगा और अब ईद-उल-फितर 21 मार्च, शनिवार को मनाई जाएगी। चांद न दिखने के बाद शहर भर में लोगों ने अगले दिन जुमा-तुल-विदा की तैयारियां तेज कर दी हैं।
दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि करीब 25 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बना है जब रमज़ान के महीने में पांच जुमे पड़े हैं। इससे पहले 1999-2000 के आसपास ऐसा मौका आया था। यही वजह है कि इस बार जुमा-तुल-विदा को लेकर खास धार्मिक माहौल और उत्साह देखने को मिल रहा है। मुस्लिम समाज में इसे बेहद अहम और बरकत वाला दिन माना जाता है।
सज्जादानशीन बदरूशरिया मुफ्ती अहसन मियां ने ऐलान किया कि 20 मार्च, शुक्रवार को रमज़ान का आखिरी जुमा यानी जुमा-तुल-विदा अदा किया जाएगा। इस दिन शहर की मस्जिदों में बड़ी संख्या में नमाज़ी जुटेंगे और खास इबादत की जाएगी। इसे लेकर प्रशासन और कमेटियां भी सतर्क हो गई हैं। जुमा-तुल-विदा की मुख्य नमाज़ किला स्थित जामा मस्जिद में दोपहर करीब 1:30 बजे अदा की जाएगी। वहीं, शहर की सबसे आखिरी नमाज़ दरगाह आला हज़रत पर शाम करीब 3:30 बजे अदा होगी। इसके अलावा शहर की अन्य मस्जिदों में भी अलग-अलग समय पर नमाज़ का सिलसिला चलेगा।
दरगाह परिसर में टीटीएस की बैठक आयोजित कर ईद और जुमा-तुल-विदा को लेकर तैयारियों पर चर्चा की गई। बैठक में जिला प्रशासन से मांग की गई कि ईदगाह समेत सभी प्रमुख मस्जिदों, दरगाहों और खानकाहों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाया जाए, बेहतर प्रकाश व्यवस्था की जाए और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद रखा जाए, ताकि नमाज़ियों को किसी तरह की परेशानी न हो। बैठक में औरंगज़ेब नूरी, अजमल नूरी, हाजी जावेद खान, ताहिर अल्वी, परवेज़ नूरी, मंज़ूर रज़ा, मुजाहिद बेग, नाजिम रज़ा, सुहैल रज़ा और शाद रज़ा समेत कई जिम्मेदार लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि ईद और जुमा-तुल-विदा के मौके पर बेहतर इंतजाम होना बेहद जरूरी है, ताकि शहर में अमन और सौहार्द का माहौल बना रहे।
Updated on:
19 Mar 2026 08:09 pm
Published on:
19 Mar 2026 08:08 pm
बड़ी खबरें
View Allबरेली
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
