
बरेली। आंवला तहसील में रिश्वतखोरी का गंदा खेल आखिरकार उजागर हो गया। जमीन की पैमाइश के नाम पर किसान से खुलेआम 20 हजार रुपये की मांग करने वाला राजस्व निरीक्षक वीरेन्द्र पाल सिंह बुधवार को एंटी करप्शन टीम के जाल में फंस गया। घूस लेते ही टीम ने उसे उसके निजी दलाल सर्वेश कुमार के साथ रंगे हाथों दबोच लिया।
पूरा मामला ग्राम केसरपुर निवासी किसान पंकज कुमार की कृषि भूमि से जुड़ा है। किसान से जमीन की नापजोख कराने के एवज में राजस्व निरीक्षक ने रिश्वत की मोटी रकम तय कर रखी थी। पीड़ित किसान ने हिम्मत दिखाते हुए इसकी शिकायत एंटी करप्शन विभाग से कर दी, जिसके बाद टीम ने पूरी रणनीति बनाकर जाल बिछाया।
बुधवार दोपहर सिरौली नगर पंचायत क्षेत्र में नलकूप नंबर-2 की पानी की टंकी के पास करीब सवा एक बजे जैसे ही किसान ने तय रकम सौंपी, पहले से घात लगाए बैठी एंटी करप्शन टीम ने तुरंत दबिश देकर दोनों आरोपियों को धर दबोचा। तलाशी में 20 हजार रुपये की पूरी रिश्वत रकम मौके से बरामद कर ली गई।
ट्रैप प्रभारी इश्तियाक वारसी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। इस सनसनीखेज कार्रवाई से तहसील परिसर में हड़कंप मच गया है। एंटी करप्शन टीम ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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Published on:
07 Jan 2026 06:50 pm
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