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सर्जिकल स्ट्राइक: ब्लैकआउट और मॉक ड्रिल, जाने क्यों जरूरी थी ये कार्रवाई

युद्ध जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारी के तहत बुधवार रात पूरे देश में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास को लेकर मुस्लिम संगठनों ने भी समर्थन जताया है और आमजन से सहयोग करने की अपील की है। इस दौरान भारतीय सेना की आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की भी सराहना की गई।

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मौलाना तौकीर, फरमान मियां, मौलाना शहाबुद्दीन और रिटायर्ड कर्नल डॉ. आरपी सिंह

बरेली। युद्ध जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारी के तहत बुधवार रात पूरे देश में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसमें रात 8:00 से 8:10 बजे तक ब्लैकआउट कर युद्धकालीन स्थिति का अभ्यास किया जाएगा। इस अभ्यास को लेकर मुस्लिम संगठनों ने भी समर्थन जताया है और आमजन से सहयोग करने की अपील की है। इस दौरान भारतीय सेना की आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की भी सराहना की गई।

26 देशवासियों की मौत का बदला 26 सौ से लेंगे

बुधवार को प्रेसवार्ता में आईएमसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि पाकिस्तान में मौजूद आतंकी अड्डों पर भारतीय सेना की कार्रवाई बेहद सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन सिंदूर देश की सुरक्षा के लिए उठाया गया साहसिक कदम है, जो आतंक के खिलाफ भारत की मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाता है। मौलाना ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सेना का हर कदम देशवासियों को गौरव की अनुभूति कराता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, और ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आवश्यक है। मौलाना तौकीर ने कहा कि पाकिस्तान ने जो जख्म हमे दिया है ये केवल मरहम है, अभी पूरा हिसाब करना बाकी है। आतंकवादियों ने 26 देशवासियों को मारा था, हम उनकी मौत का बदला 26 सौ लोगों मारकर लेंगे।

ब्लैकआउट में सहयोग की अपील

दरगाह आला हजरत से जुड़े संगठन जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां ने नागरिकों से अपील की कि वे मॉक ड्रिल के दौरान ब्लैकआउट अभ्यास में पूर्ण सहयोग करें। उन्होंने बताया कि रात 8 बजे सायरन बजेगा और 8:10 तक बिजली बंद रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में नागरिकों को जागरूक करना और तत्काल प्रतिक्रिया की तैयारी को परखना है। फरमान मियां ने कहा कि इस दौरान बिजली आपूर्ति रोकी जाएगी, नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा और आपातकालीन टीमों की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया जाएगा।

हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भारतीय सेना की कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरा देश आक्रोशित था। सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में मौजूद आतंक के नौ ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इस कदम से भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा। मौलाना ने कहा कि आज हर भारतीय को सेना पर गर्व है। आतंकवाद मानवता के लिए खतरा है और इसका कोई धर्म नहीं होता। मौलाना तौकीर रजा और मौलाना शहाबुद्दीन रजवी दोनों ने देशवासियों से अपील की कि वे धर्म, जात-पात और समुदाय से ऊपर उठकर आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हों और सेना का मनोबल बढ़ाएं।

देशवासियों का मनोबल बढ़ाने के लिए जरूरी थी सर्जिकल स्ट्राइक

एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुपरिटेंडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) डा. आरपी सिंह ने कहा आतंकी शिविरों पर भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक देशवासियों का मनोबल बढ़ाने के लिए जरूरी थी। आज का हिंदुस्तान किसी भी तरह के हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सक्षम है। हमारी सेना हर परिस्थिति में दुश्मन का मुकाबला करने की ताकत रखती है। सेना के पास अत्याधुनिक संसाधन, तकनीक और साधन हैं। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है। कर्नल सिंह ने कहा कि पहलगांव में आतंकी हमले के बाद वर्तमान में देश में जो हालात हैं। इस हालात में आतंकी कैंपों पर सेना की सर्जिकल स्ट्राइक लोगों की मनोभावना के अनुकूल है। यह आम लोगों के साथ सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए भी जरूरी थी। हालांकि सरकार जलसंधि रद करने जैसे कूटनीतिक कदम पहले ही उठा कर पाकिस्तान की घेराबंदी कर चुकी है। इससे पाकिस्तान घुटने टेकने पर मजबूर है। पाकिस्तान को नेस्तनाबूत करने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक भी उसी दिशा में एक कदम है।


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