बरेली। सिविल लाइंस में मिशन की करोड़ों की प्रॉपर्टी को अवैध तरीके से बेचने के मामले में सीजेएम कोर्ट ने सुनील के मसीह, विलियम दिलावर, बी आरके लाल, नवाबगंज निवासी आनंद सैमसन, ई प्रदीप सैमुअल के खिलाफ गैर जमानती वारंटी किया है। पुलिस को 11 सितंबर को आरोपियों को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
2012 में दर्ज कराया गया था मुकदमा, चार्जशीट के बाद कोर्ट ने जारी किया वारंट
प्रेमनगर में बीडीए कॉलोनी के रहने वाले अरुण थॉमस ने 23 मई 2012 को कोतवाली में कैंट में बीआई बाजार के रहने वाले विलियम दिलावर, सिविल लाइंस के रहने वाले सुनील के मसीह, बी आरके लाल, पूर्व जनरल सेक्रेटरी इला प्रदीप सैमुअल, एसएस सिंह अध्यक्ष एनआईआरसी समेत कई लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी कागजात तैयार करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। अरुण थॉमस का आरोप था कि सुनील के मसीह विलियम दिलावर, बी आरके लाल ने फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी कर प्रॉपर्टी को अपनी पत्नी बेटी और भाई के नाम रजिस्ट्री कर दी। जबकि उसका पैसा चर्च में नहीं जमा किया गया। कोतवाली पुलिस ने आरोप सही पाते हुए सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। मामला सीजेएम कोर्ट में है। सीजेएम ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। इस मामले में अब 11 सितंबर को कोर्ट में सुनवाई होगी।
काफी समय से फरार चल रहे हैं मैथोडिस्ट मिशन के डीएस
मैथोडिस्ट मिशन के डीएस बीआरके लाल सालों से फरार चल रहे हैं। मिशन की संपत्ति को अवैध रूप से बचने के मामले में पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। इसके बाद से वह लगातार फरार चल रहे हैं। उनके खिलाफ 13 अक्टूबर को डॉक्टर पुण्यव्रत मुखर्जी ने भी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके अलावा सुनील के मसीह, विलियम दिलावर चर्च की प्रॉपर्टी को अवैध तरीके से बेचने में लगे हुए हैं। इनके खिलाफ बरेली के थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। इसमें चार्जशीट दाखिल हो चुकी हैं।