
सद्दाम बरेली पुलिस के लिए किसी ‘मिस्टर इंडिया’ की तरह था जो बार-बार बिना दिखे अपनी लोकेशन बदल रहा था।
UP Police: यूपी STF की बरेली यूनिट ने अशरफ के साले सद्दाम को दिल्ली से अरेस्ट कर लिया है। सद्दाम का नाम तब चर्चा में आया जब बरेली जेल का CCTV फुटेज वायरल हुआ। वायरल फुटेज में सद्दाम को स्पॉट किया गया। जांच हुई तो पता चला कि सद्दाम और अशरफ के गुर्गे फर्जी और दूसरे के आधार कार्ड पर अशरफ से मिलने आते थे।
मार्च महीने में अशरफ की मदद करने की पुष्टि होते ही पुलिस सद्दाम के पीछे पड़ गई। लेकिन, वह भागने में कामयाब रहा। सद्दाम बरेली पुलिस के लिए किसी ‘मिस्टर इंडिया’ की तरह था जो बार-बार बिना दिखे अपनी लोकेशन बदल रहा था। 6 महीने की खोजबीन के बाद सद्दाम दिल्ली में गर्लफ्रेंड से मिलने जाते वक्त STF के चंगुल में फंस गया है। पुलिस अब आगे की पूछताछ के लिए लीगल तारीके से आगे बढ़ेगी।
आइए जानते हैं कि सद्दाम कौन है? यह पुलिस के लिए कितना जरूरी है? इसके अरेस्ट होने से पुलिस को कितने केसों को सॉल्वे करने में मिलेगी मदद…
लोकल सपोर्ट, अशरफ के जरूरतों का ध्यान रखने के लिए बरेली में लिया था रूम
सद्दाम बरेली में अशरफ का ‘टूलकिट’ बनकर काम कर रहा था। शूटरों को मैनेज करना हो या अशरफ से मिलने जेल में जाना हो यह सब सद्दाम ही तय करता था। किसे असरफ से नहीं मिलन है यह भी असरफ के इशारे पर सद्दाम ही तय करता था। इन सबके अलावा अशरफ के जरूरतों के सभी चीजों का ध्यान सद्दाम ही रखता था। जैसे- खाने-पीने से लेकर पूरे नेटवर्क को बिना रुकावट के चलाने तक।
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अतीक-अशरफ और असद तो मारे गए लेकिन पीछे छोड़ी गुर्गों कि गैंग
इसी साल 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या हुई। हत्या में मुख्य रूप से नाम आया अतीक के बेटे असद और गुड्डू मुस्लिम का। जिन्होंने दिनदहाड़े उमेश पाल को गोली मारी थी। यह वारदात CCTV में कैद हो गई। उमेश पाल की पत्नी जया पाल की तरफ से हत्या के साजिश में अतीक और अशरफ को आरोपी बनाया गया।
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अतीक-अशरफ की हत्या हो गई जबकि अतीक का बेटा असद पुलिस एनकाउंटर में झांसी में मारा गया। इन सब हत्याओं के बीच एक घटना कॉमन रही और वह थी अतीक के गुर्गे। जिनकी गिनती इतनी आसान नहीं है। सटीक आंकड़े किसी को नहीं पता। बॉस के हत्या के बाद तो कईयों ने प्रदेश छोड़ दिया तो कई अभी डर के मारे शांत बैठे हैं। बमबाज गुड्डू मुस्लिम अभी भी पुलिस के पकड़ से बाहर है।
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दोनों भाई जेल में बंद रहकर भी गैंग को करते थे ऑपरेट
अतीक अहमद गुजरात के साबरमती जेल में बंद था और अशरफ यूपी के बरेली जेल में। पत्रिका ने दोनों जेलों में जाकर वहां की ग्राउन्ड रिपोर्ट को कवर किया। वास्तविक हालात को जाना। स्टोरी लिखी। वीडियो पब्लिश हुआ। रिपोर्ट को दर्शकों ने पढ़ा और देखा भी। रिपोर्ट का सारांश यह है कि दोनों भाइयों को जेलों में कोई दिक्कत नहीं होती थी। पूरे ऐशो-आराम से वह जेल में बैठकर अपने गैंग को ऑपरेट करते थे।
Updated on:
28 Sept 2023 09:15 pm
Published on:
28 Sept 2023 08:05 pm
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