
बरेली। आंवला में दवा व्यापारी अंकुश वर्मा उर्फ अंकित पर हुए एसिड अटैक मामले में चार दिन बाद पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें 13 नामजद और 2 अज्ञात आरोपित शामिल हैं। पुलिस को पीड़ित के परिवार की दी गई कहानी पर संदेह है, इसलिए मामले की जांच प्रेम प्रसंग के एंगल से भी की जा रही है।
आंवला के भूतेश्वर नाथ चौराहा निवासी अंकुश वर्मा अपने मकान के बाहर ही मेडिकल स्टोर चलाते हैं। 3 मार्च को दोपहर करीब साढ़े 3 बजे वे दुकान पर अकेले बैठे थे, तभी बाइक सवार दो युवक ग्राहक बनकर आए और दवा मांगने लगे।
जैसे ही अंकुश दवा देने के लिए उठे, आरोपितों ने कांच के गिलास में भरा एसिड उनके चेहरे पर फेंक दिया। तेजाब पड़ते ही अंकुश जोर से चीख पड़े और उनके चेहरे से धुआं उठने लगा।
हमलावर तेजी से फरार हो गए। चीख-पुकार सुनकर मौके पर भीड़ जमा हो गई और सूचना मिलते ही पुलिस पहुंच गई।
पुलिस ने तुरंत अंकुश को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत देखते हुए उन्हें ईशान अस्पताल रेफर कर दिया। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने कहा कि एसिड के कारण उनकी आंखों को गंभीर नुकसान हुआ है और उनकी रोशनी प्रभावित हो सकती है।
इसके बाद अंकुश को दिल्ली एम्स रेफर कर दिया गया, जहां उनकी आंखों और चेहरे के इलाज के लिए विशेषज्ञों की टीम जुटी हुई है।
घटना के चार दिन बाद, 7 मार्च को अंकुश के पिता यादराम वर्मा ने आंवला थाने में तहरीर दी। इसके आधार पर 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
इनमें से 13 आरोपितों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज किए गए हैं, जबकि दो हमलावरों को अज्ञात दिखाया गया है।
अंकुश के पिता का आरोप है कि एक सड़क को लेकर इन आरोपितों से उनका पुराना विवाद था। आरोपितों ने पहले भी उनके बेटे को धमकी दी थी, जिससे उन्हें शक है कि यही लोग एसिड अटैक के पीछे हैं।
हालांकि, पुलिस को इस कहानी पर संदेह है और मामले में प्रेम प्रसंग का एंगल भी खंगाला जा रहा है।
अब तक पुलिस ने 5-6 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है, लेकिन मुख्य हमलावरों तक नहीं पहुंच पाई है।
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Published on:
07 Mar 2025 10:05 pm

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