
सिरौली और कैंट की महिलाओं को अस्पताल में कराया था भर्ती
बदायूं रोड स्थित मेधांश हॉस्पिटल में सिरौली के शिवपुरी गांव के रहने वाले महेश कुमार ने 6 अक्टूबर को अपनी पत्नी मिथलेश को भर्ती कराया था। मिथलेश आठ माह की गर्भवती थी। उसके पेट में दर्द हो रहा था मिथलेश के पिता पूरनलाल ने बताया कि डॉक्टरों ने उनकी बेटी को खून की कमी बताई। इसकी वजह से उसकी हालत बिगड़ती रही। सोमवार को डॉक्टर ने जबरदस्ती दवाई लगाकर उसका ऑपरेशन कर दिया। इस दौरान मिथिलेश ने मृत बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद मिथलेश की भी हालत बिगड़ने लगी । उसकी भी मौत हो गई। दूसरा मामला कैंट के चनेहटी का है । चनेहटी की रहने वाली प्रियंका को उसके पति अंकुर ने डिलीवरी के लिए भर्ती कराया था। डॉक्टर ने जांच और दवाओं के नाम पर हजारों रुपये लिए। लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। प्रियंका ने भी मृत बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद मंगलवार सुबह को प्रियंका की भी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। जिस पर वहां काफी भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत करने की कोशिश की।
बदायूं रोड हो गया जाम, चार मौतों पर जमकर हंगामा
जच्चा और बच्चा दोनों की मौत होने के बाद मेधांस हॉस्पिटल के बाहर हंगामा हो गया। अस्पताल के बाहर लोगों की भीड़ लग गई। बदायूं हाईवे जाम हो गया। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से हाईवे को खुलवाया। भीड़ इतनी आक्रोशित थी कि डॉक्टर और स्टाफ ने खुद को एमडी के कमरे में बंद कर लिया। उन्होंने अंदर से कैमरा बंद कर लिया। पुलिस के पहुंचने के बाद ही उन्होंने कैमरा खोला। अस्पताल की एमडी मृंदा जौहरी का आरोप है कि मिथिलेश को निमोनिया हो चुका था। उसे सांस लेने में दिक्कत थी। परिजनों को अवगत करा दिया था। प्रियंका को भी डॉक्टर ने निमोनिया बताई, कहा कि सेप्टिक पूरे शरीर में फैल गया था। इस वजह से उनकी मौत हुई। उन्होंने गलत ऑपरेशन करने के आरोपी को नकारा है। इस मामले की शिकायत पुलिस से की गई है। परिवार वालों ने डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
Published on:
10 Oct 2023 06:14 pm
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