
बरेली। बरेली स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत नगर निगम ने शहर के विकास कार्यों के लिए 700 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। इस राशि का उपयोग अधूरी पड़ी सड़कों और नालियों के निर्माण, कूड़ा प्रबंधन और मुख्यमंत्री योजनाओं के क्रियान्वयन में किया जाएगा। साथ ही नगर निगम विभिन्न स्रोतों से आय बढ़ाने की भी योजना बना रहा है। यह फैसला बुधवार को मेयर डॉ. उमेश गौतम की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी समिति की पुनरीक्षित बजट बैठक में लिया गया।
बैठक में नगर निगम अधिकारियों ने 697 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। समिति ने सड़कों, नालियों और स्ट्रीट लाइट के लिए बजट आवंटन पर गहन चर्चा की। पार्कों के रखरखाव के लिए निजी एजेंसियों को ठेका देने पर भी सहमति बनी। इस दौरान नगरायुक्त संजीव कुमार मौर्य, उपसभापति सर्वेश रस्तोगी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
साफ-सफाई और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए नगर निगम ने बड़े पैमाने पर धनराशि आवंटित की है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में इस मद से 2.84 करोड़ रुपये की आय हुई थी, जिसे 2024-25 में 8 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, सितंबर 2024 तक केवल 1.29 करोड़ रुपये की आय हुई है। कूड़ा कलेक्शन एजेंसियों पर 2023-24 में 4 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए थे, जिसे घटाकर 3 करोड़ करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
नगर निगम ने अब तक 332 पार्कों के रखरखाव, डिवाइडर पर पानी और पौधे लगाने, तथा टूटे पेड़ों के प्रबंधन के लिए 42 माली तैनात किए थे। अब यह काम निजी एजेंसियों को सौंपने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में कार्यकारिणी सदस्य सलीम पटवारी और नीरज कुमार आदिन ने टैक्स कैंप की जानकारी न मिलने से जनता की समस्याओं को उठाया। इस पर मेयर डॉ. उमेश गौतम ने निर्देश दिया कि टैक्स कैंप से दो दिन पहले संबंधित वार्ड में मुनादी कराई जाए। साथ ही, बकायेदारों को कुर्की की कार्रवाई से पहले भुगतान के लिए प्रेरित किया जाए, लेकिन किसी को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। मेयर ने अधिकारियों को करदाताओं के साथ सहयोगात्मक व्यवहार रखने का निर्देश दिया, ताकि शहर के विकास कार्य सुचारू रूप से जारी रह सकें।
Updated on:
27 Nov 2024 09:01 pm
Published on:
27 Nov 2024 09:00 pm
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