
रेलवे ने जारी की समय सारणी और रूट
रेलवे बोर्ड की स्वीकृति के बाद वंदे भारत के संचालन की समय सारणी और रूट जारी कर दिया गया है। पहले देहरादून लखनऊ रोड पर स्पीड ट्रायल पूरा कर लिया गया है। ट्रेन 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी।
1200 से 1800 होगा एक्सप्रेस का किराया
ट्रेन देहरादून लखनऊ के बीच 590 किलोमीटर का सफर आठ घंटे में पूरा करेगी। शाहजहांपुर में ट्रेन का स्टॉपेज नहीं है। देहरादून से लखनऊ का किराया अलग-अलग श्रेणियों में 1200 से 1800 रुपये निर्धारित किया गया है। 15 मार्च से वंदे भारत एक्सप्रेस में टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग की भी सुविधा शुरू हो जाएगी। मुरादाबाद रेल मंडल के डीआरएम आरके सिंह ने बताया कि देहरादून से लखनऊ के बीच बंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन 12 मार्च से शुरू हो जाएगा। सप्ताह में छह दिन इस सेमी हाई स्पीड ट्रेन का संचालन किया जाएगा। आठ कोच की ट्रेन के संचालन को बोर्ड की स्वीकृति मिल गई है।
वंदे भारत एक्सप्रेस में ये हैं स्पेशल खूबियां
ये ट्रेन पूरी तरह 100 फीसदी स्वदेशी है। इसकी रफ़्तार बहुत ही कम समय में 160 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 200 किलोमीटर हो जाती है। भारत की ट्रेनों में इंजन का एक अलग से कोच होता है। लेकिन वन्दे भारत ट्रेन में मेट्रो ट्रेनों के जैसे ही एकीकृत इंजन होता है। ट्रेन 100 किलोमीटर की स्पीड बस 52 सेंकड में पकड़ लेती है। ट्रेन में ऑटोमेटिक दरवाजे हैं। मेट्रो के जैसे ही ये दरवाजे ऑटोमेटिक खुलते हैं। साथ ही कई आधुनिक सुविधाओं से ट्रेन लैस हैं। कोच वतानुकुलित हैं। इसमें जो स्टिंग चेयर्स है वो 360 डिग्री घूम जाती हैं। इस ट्रेन में भोजन और नाश्ता की व्यवस्था है। जिसकी कीमत टिकट में ही शामिल होती है। यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए ट्रेन को पूरी तरह से ऑनबोर्ड वाईफाई की सुविधा से लैस बनाया है। हर सीट के नीचे मोबाइल और लैपटॉप चार्ज करने के लिए चार्जिंग पॉइंट्स दिए गए हैं।
वन्दे भारत ट्रेन में जीपीएस प्रणाली लगी है, जिसके माध्यम से आने वाले स्टेशन और अन्य सूचनाओं की जानकारी मिलती है। स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में बायो वैक्यूम शौचालय का निर्माण किया गया है। जैसे हवाई जहाजों में इस्तेमाल होते हैं। ट्रेन से बाहर का नजारा अच्छे से दिखाई दे इसीलिए बड़े ग्लास लगाए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर डिब्बे में सीसीटीवी लगाए गए हैं। यात्रियों की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए जब ट्रेन पूरी तरह से रूक जाती है तब ही दरवाजे खुलेंगे। ताकि यात्री चलती ट्रेन में न ही चढ़े और न ही उतरे।
वन्दे भारत ट्रेन को बनाने में दिव्यागों का भी ध्यान रखा गया है। ट्रेन के कुछ डिब्बों में व्हीलचेयर रखने के लिए अलग से स्थान बनाया गया है।
Published on:
10 Mar 2024 09:40 am

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