
क्या सत्ता के खिलाफ 6 महीनों से पक रही थी बगावत की 'खिचड़ी'? फोटो सोर्स-Video Grab
Alankar Agnihotri UGC Controversy: PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) के इस्तीफा देने के बाद से ही सियासी बाजार खासा गर्म नजर आ रहा है। अग्निहोत्री के इस्तीफे को राजनीतिक महत्वाकांक्षा की ओर भी जोड़ा जा रहा है।
चर्चा इस बात को लेकर भी है कि सत्ता के खिलाफ बगावत की 'खिचड़ी' 6 महीनों से पकाई जा रही थी। UGC और स्वामी अविमुक्तेश्वारानंद के मामले के बाद सही समय देख 'विस्फोट' कर दिया गया। शासन के निर्देश पर PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने 27 मई 2025 को बरेली में नगर मजिस्ट्रेट के तौर पर कार्यभार संभाला था। इस बात की चर्चा है कि उन्होंने तैनाती के कुछ समय बाद से ही सत्ता के खिलाफ बगावत की राह चुन ली थी।
नगर मजिस्ट्रेट रहते हुए 12 अगस्त को वह 'पुनरुत्थान बरेली परिवार' नाम के WhatsApp ग्रुप से जुड़े। इस ग्रुप में उनके समेत 7 लोग एडमिन हैं। इस ग्रुप में 500 से ज्यादा लोगों को जोड़ा गया है। चर्चा है कि ब्राह्मण समाज के कार्यक्रमों में अप्रत्यक्ष रूप से PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री सहभागिता भी रहती थी। कुछ समय पहले स्मार्ट सिटी आडिटोरियम में हुए एक कार्यक्रम में उनका खासा सहयोग भी रहा था। PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री कई गोपनीय बैठकें भी कर रहे थे। इस्तीफा देते ही उन्होंने इसी ग्रुप के जरिए सूचना समाज के लोगों को पहुंचाई। जिसके बाद तमाम लोग उनके समर्थन में उतर गए। 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक ही है। ऐसे में देर-सवेर सत्ता के खिलाफ उनका विस्फोट फूटना ही माना जा रहा था।
हालांकि UGC और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले के बहाने वह समय से पहले ही फूट गया। 13 जनवरी को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए प्रावधानों का गजट नोटिफिकेशन आया। वहीं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान से रोकने और उनके शिष्यों की पिटाई का मामला 14 जनवरी को हुआ। इनसे आहत बताते हुए उन्होंने गणतंत्र दिवस के दिन पूर्व नियोजित तरीके से इस्तीफा दे दिया।
इस्तीफा देने से पहले अग्निहोत्री ने अपने कार्यालय पर नाम पट्टिका के आगे रिजाइन लिखा और पोस्टर तैयार करने के बाद वीडियो और फोटो बना लिए। इसके बाद जनतंत्र को भ्रमतंत्र बताया और सरकार को अल्पमत बताते हुए सत्ता पर जमकर निशाना साधा। इतना ही नहीं उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर भी बंधक बनाने और नजरबंद रखने के आरोप लगाए। पूरा घटनाक्रम उनकी मंशा के बारे में बहुत स्पष्ट है। इससे राजनीतिक गलियारे में गहमागहमी बनी हुई है।
शासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित किए जाने के बाद DM अविनाश सिंह ने अपर उप जिलाधिकारी (ASDM) राम जनम यादव को सिटी मजिस्ट्रेट का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। उन्होंने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त प्रभार के लिए उन्हें कोई अलग भत्ता देय नहीं होगा।
PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को शासन ने निलंबित कर DM शामली कार्यालय से संबंध किया है। उनके खिलाफ जांच मंडलायुक्त को सौंपी गई है। अब प्रशासन की ओर से उनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर नियुक्ति कार्यालय भेजा जाएगा। वहां से आयुक्त कार्यालय को रिपोर्ट जाने के बाद विभागीय जांच की शुरूआत होगी। मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी की माने तो रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
महंत श्री शिरडी साई-खाटूश्याम सर्वदेव मंदिर के पंडित सुशील पाठक ने सोशल मीडिया जरिये प्रशासन को 'अल्टीमेटम' जारी कर चेतावनी दी कि यदि अलंकार अग्निहोत्री के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या अनहोनी होती है तो पूरा ब्राह्मण समाज सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेगा। साथ ही अनशन पर बैठेगा।
Published on:
29 Jan 2026 10:56 am

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