
महानगर और आंवला में अध्यक्ष के लिए थी काफी जोर आजमाइश
बरेली महानगर और आंवला में भाजपा अध्यक्ष के लिए जोर आजमाइश काफी हुई। महानगर अध्यक्ष के लिए अधीर सक्सेना, यतिन भाटिया, पुष्पेंदु शर्मा, उमेश कठेरिया और आंवला जिलाध्यक्ष के लिए शिव प्रताप सिंह रिंकू और आदेश प्रताप सिंह के नाम काफी चर्चा में थे। पंजाबी समुदाय की राजनीति में सहभागिता बनी रहे। इस वजह से डॉ. केएम अरोड़ा के भी दोबारा अध्यक्ष बनने की चर्चा थी। भाजपा के एक कद्दावर नेता से नजदीकियों की वजह से यतिन भाटिया का नाम भी काफी चर्चा में था, लेकिन भाजपा में महानगर महामंत्री रहे अधीर सक्सेना राजनीति के माहिर खिलाड़ी निकले। विरोधियों को पछाड़ते हुए महानगर अध्यक्ष पद हासिल करने में कामयाब रहे। भाजपा ने कायस्थ वोटों को साधने के लिए अधीर सक्सेना के नाम पर मुहर लगा दी। महानगर में कायस्थ वोटों की संख्या काफी अच्छी है। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह को पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप और एमएलसी जयपाल सिंह, हरि सिंह ढिल्लो का करीबी माना जाता है। इस वजह से पार्टी नेतृत्व ने आदेश प्रताप सिंह को आंवला जिले की कमान सौंपी है।
वायरल वीडियो और शिकायतें भी नहीं बदल पाईं पार्टी के मंसूबे
भाजपा के कुशल संगठन शिल्पी पवन शर्मा के संगठन से लेकर जनप्रतिनिधियों तक अच्छी पैठ है। उनसे कोई कार्यकर्ता नाराज नहीं था। इसके बावजूद एक गुट ने उनके खिलाफ अनर्गल प्रचार और वीडियो वायरल किए गए। इसी तरह अधीर सक्सेना को लेकर भी कई शिकायतें की गईं। उनकी गैस एजेंसी को लेकर दुष्प्रचार किया गया। पार्टी ने उन शिकायतों को दर किनार कर संगठन को बेहतर बनाने और लोकसभा चुनाव में पार्टी को जीत दिलाने के लिए अपने पवन शर्मा और अधीर सक्सेना पर भरोसा जताया। शाहजहांपुर में केसी मिश्रा, पीलीभीत में संजीव प्रताप सिंह और बदायूं में राजीव गुप्ता जातिगत समीकरणों को साधने और संगठन को एक जुट करने में कामयाब रहे। इस वजह से उन्हें दोबारा अध्यक्ष बनाया गया है। बरेली मंडल में भाजपा ने दो ब्राह्मण, दो ठाकुर और एक वैश्य बिरादरी के नेता पर भरोसा जताया है।
Published on:
15 Sept 2023 05:55 pm
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