
बरेली। शहर के करदाताओं को लंबे समय से परेशान कर रहे गृहकर और म्यूटेशन संबंधी मामलों में राहत मिलने जा रही है। शुक्रवार को नगर निगम में मेयर डॉ. उमेश गौतम की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें कर विभाग के अधिकारी और गृहकर मामलों के जानकार पार्षद शामिल हुए।
बैठक में करदाताओं की समस्याओं और विभागीय स्तर पर हो रही देरी पर गंभीर चर्चा हुई। वरिष्ठ पार्षद राजेश अग्रवाल ने प्रमुख भूमिका निभाते हुए करदाताओं की शिकायतों को उठाया। मेयर ने तत्काल निर्णय लेते हुए कई राहत भरे कदम उठाने के निर्देश दिए।
-म्यूटेशन में देरी पर रोक: अब म्यूटेशन से जुड़े सभी मामलों का निपटारा 45 दिन के भीतर किया जाएगा। दो साल पहले जीआईएस के तहत भरे गए स्वकर फॉर्म वाले भवनों की दोबारा नापजोख नहीं होगी।
-गलत गृहकर बिलों का संशोधन: 2014 से लंबित गलत बिलों का संशोधन 30 दिनों में किया जाएगा। 100 वर्ग मीटर तक के स्वयं निवास भवनों को बिना जांच के छूट मिलेगी।
-खाली भवनों पर कर निर्धारण आसान: खाली पड़े भवनों की जांच नगर निगम अधिकारी एक माह में करदाताओं को पत्र भेजकर करेंगे। खाली कमर्शियल भवनों पर अब आवासीय दर से कर लगेगा।
-बंटवारे वाले भवनों की अलग-अलग आईडी: जिन भवनों का बंटवारा हो चुका है, उनकी अलग-अलग आईडी स्वामियों को दी जाएगी। केवल नाम सुधार के लिए आने वाले भवनों को नापजोख से गुजरना नहीं पड़ेगा।
-वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना: बकाया राशि कम और ब्याज अधिक होने के मामले में वन टाइम सेटलमेंट योजना की तैयारी शासन को भेजने के निर्देश दिए गए।
मेयर डॉ. उमेश गौतम ने कहा जनता से जुड़े मामलों का निस्तारण अब तुरंत होगा। किसी भी तरह की देरी होने पर अधिकारियों को कारण बताना होगा। शहर के करदाताओं को अब बार-बार निगम के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वहीं बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, पार्षद सर्वेश रस्तोगी, मुकेश सिंघल, सलीम पटवारी समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे। हालांकि, कुछ पार्षदों ने बैठक की सूचना समय पर न देने पर नाराजगी भी जताई।
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Published on:
16 Jan 2026 10:04 pm
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