विज्ञान की प्रगति ने एक बार फिर समाज को चौंका दिया है। शहीद ठाकुर रोशन सिंह के परिवार में खुशियों का माहौल है, क्योंकि उनके वंशज शरद रोशन सिंह और उनकी पत्नी सविता के घर पुत्र का जन्म हुआ है।
शाहजहांपुर। विज्ञान की प्रगति ने एक बार फिर समाज को चौंका दिया है। शहीद ठाकुर रोशन सिंह के परिवार में खुशियों का माहौल है, क्योंकि उनके वंशज शरद रोशन सिंह और उनकी पत्नी सविता के घर पुत्र का जन्म हुआ है।
दिलचस्प बात यह है कि शरद सिंह, जो पहले सरिता थीं, ने लिंग परिवर्तन कर पुरुष का जीवन अपनाया और अब पिता बनने का सौभाग्य प्राप्त किया।
सरिता, जो जन्म से महिला थीं, ने हमेशा खुद को पुरुष की तरह महसूस किया। लड़कों की तरह कपड़े पहनना और उनका हावभाव भी पुरुषों जैसा था। वर्ष 2022 में उन्होंने अपने इस आत्मबोध को अपनाने का निर्णय लिया और लखनऊ में हार्मोन थेरेपी कराई। धीरे-धीरे उनके चेहरे पर दाढ़ी उगने लगी और आवाज भारी हो गई। 2023 में उन्होंने मध्यप्रदेश के इंदौर में सर्जरी कराई और आधिकारिक रूप से पुरुष बन गए।
27 जून 2023 को तत्कालीन जिला अधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने उन्हें लिंग परिवर्तन का प्रमाण पत्र दिया और सरिता की नई पहचान शरद रोशन सिंह के रूप में स्थापित हुई। इसके बाद, 23 नवंबर 2023 को उन्होंने पीलीभीत निवासी अपनी महिला मित्र सविता से विवाह कर लिया।
बुधवार सुबह, सविता को प्रसव पीड़ा होने पर शाहजहांपुर के जैन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शाम 5 बजे उन्होंने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। पिता बनने की खुशी जाहिर करते हुए शरद ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे सुखद पल है।
बरेली के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. सुदीप सरन के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति में महिला और पुरुष दोनों के लक्षण हों तो मेडिकल साइंस की मदद से लिंग परिवर्तन संभव है। इसमें हार्मोनल थेरेपी और सर्जरी के जरिए व्यक्ति की शारीरिक विशेषताएं बदली जा सकती हैं, जिससे वे अपनी इच्छानुसार नया जीवन अपना सकते हैं।
शरद रोशन सिंह का घर शाहजहांपुर के नवादा दरोवस्त गांव में है और वे एक सरकारी स्कूल में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत हैं। उनके पिता बनने की खबर से परिवार और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। यह घटना समाज के लिए एक नई सोच और प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।