बरेली। लखनऊ नगर निगम की तर्ज पर बरेली के विकास के लिए पार्षदों ने योगी सरकार से डेढ़ करोड़ की निधि मांगी है। नगर निगम बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद अब यह प्रस्ताव स्वीकृति के लिए शासन को भेजा है। उपसभापति सर्वेश रस्तोगी ने बताया कि पार्षद निधि होगी तो छोटे काम से जनता परेशान नहीं होगी।
पार्षद निधि से हो सकेगा इन समस्याओं का निस्तारण
पार्षद मुकेश सिंघल ने बताया कि लखनऊ नगर निगम में पार्षदों को विकास निधि जारी होती है। हर साल वहां 1.5 करोड़ रुपये पार्षद निधि के रूप में मिलते हैं। इससे हर वार्ड में जनता से जुड़े काम किए जाते हैं। उन्होंने बोर्ड में प्रस्ताव रखा जिसे मंजूरी मिली है। अब यह प्रस्ताव स्वीकृति के लिए शासन को भेजा है। उन्होंने बताया कि पार्षद निधि से वार्ड में जल निकासी के इंतजाम, सड़क, खडंजा निर्माण, नई स्ट्रीट लाइट लगवाने, पुरानी ठीक कराने, घरों के नलों में पेयजल आपूर्ति से लेकर साफ सफाई जैसी समस्या का समाधान किया जा सकता है।
पार्षद निधि नहीं होगी जनता को परेशान
80 वार्डों में क्षेत्रफल के हिसाब से आबादी है। किसी वार्ड में 20 तो किसी में 50 हजार से ऊपर भी आबादी है। समस्याओं के समाधान के लिए नगर निगम अधिकारियों को कार्यकारिणी, बोर्ड से स्वीकृति लेनी होती है। जिसके लिए इंतजार करना पड़ता है। उपसभापति सर्वेश रस्तोगी का कहना है कि पार्षद निधि होगी तो छोटे काम से जनता परेशान नहीं होगी।