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दीपमाला अस्पताल : डिप्टी सीएम के निर्देश के बावजूद, खामोश है पुलिस और स्वास्थ्य विभाग, नहीं की एफआईआर

दीपमाला अस्पताल और आयुष्मान योजना से जुड़े विवाद में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की निष्क्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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बरेली। दीपमाला अस्पताल और आयुष्मान योजना से जुड़े विवाद में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की निष्क्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के निर्देश और ट्वीट के बावजूद मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, जिससे स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।

मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंचा मामला

शाहजहांपुर के मिर्जापुर गांव के निवासी मोहन गोविंद गुप्ता ने कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपनी बीमार मां का इलाज आयुष्मान कार्ड के तहत कराने दीपमाला अस्पताल गए थे। वहां उनके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया। इस मामले में उन्होंने एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की। जब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, तो अस्पताल प्रबंधक आशू मेहरोत्रा ने कोतवाली पुलिस को पत्र लिखकर सूचित किया कि जिलाधिकारी द्वारा गठित टीम पहले से ही प्रसारित वीडियो की जांच कर रही है। अस्पताल प्रशासन ने यह भी कहा कि कमेटी के निर्णय से पहले कोई भी टिप्पणी करना अनुचित होगा।

वीडियो विवाद और जांच की स्थिति

वीडियो में डॉ. सोमेश मेहरोत्रा और मोहन गोविंद गुप्ता के बीच आयुष्मान योजना को लेकर हुई बातचीत है। जिसमें योजना पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। इस विवाद के बाद अस्पताल को अस्थायी रूप से आयुष्मान योजना से हटा दिया गया है।

पीड़ित का संघर्ष और हिंदू महासभा की चेतावनी

जांच में देरी से असंतुष्ट मोहन गोविंद गुप्ता ने मंगलवार रात मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने के लिए लखनऊ का रुख किया है। वहीं, हिंदू महासभा के मंडल अध्यक्ष पंकज पाठक ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पीड़ित को न्याय नहीं मिला तो सीएमओ कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

इस बीच, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. विश्राम सिंह का कहना है कि जांच प्रक्रिया जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।