
पीलीभीत। नेपाल सीमा से सटे इलाकों में जंगली हाथियों का खौफ फिर लौट आया है। कल्याणपुर के पास सिरसा सरदाह गांव में रात के अंधेरे में दो हाथियों ने खेतों पर हमला बोल दिया। गन्ना, गेहूं और केले की फसलों को रौंदते हुए जब दोनों हाथी चौकीदार के सामने आ गए तो माहौल जानलेवा हो उठा। हाथियों की चिंघाड़ सुनते ही चौकीदार ने दौड़ लगाकर झाड़ियों में छिपकर किसी तरह अपनी जान बचाई। वरना बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं।
माधोटांडा मार्ग पर सिरसा सरदाह स्थित पूर्व प्रधान सोनू के खेत में रात 12 बजे के बाद दो हाथी पहुंच गए। एक चौकीदार के न आने पर दूसरे चौकीदार राम खिलावन को रखवाली के लिए भेजा गया था। कड़ाके की ठंड के कारण वह मचान के बजाय इंजन-रूम के पास बने कमरे में था। शोर सुनकर जैसे ही बाहर निकला, इंसान देखते ही हाथी बेकाबू हो उठे और हमला करने को बढ़े।
खतरे को भांपते ही राम खिलावन अंधेरे का फायदा उठाकर झाड़ियों में घुस गया। इसके बाद भी दोनों हाथी देर तक चिंघाड़ते रहे और खेतों में तोड़फोड़ करते रहे। गांव में दहशत फैल गई, लोग घरों में दुबक गए।
पूर्व प्रधान सोनू ने बताया कि केले, गन्ना और गेहूं की फसलों को गंभीर नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि जनहानि नहीं हुई। सुबह होते ही मामले की जानकारी वन विभाग को दी गई।
वन एवं वन्यजीव प्रभाग के शेर सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। हाथी जंगल की ओर लौट चुके हैं। नुकसान का मुआयना कर रिपोर्ट विभाग को भेजी जा रही है।
घटना के समय चौकीदार का मोबाइल स्विच ऑफ था, बैटरी खत्म होने के कारण तत्काल सूचना नहीं दी जा सकी। भोर होते ही उसने सुरक्षित निकलकर पूरी घटना बताई, तब जाकर प्रशासन हरकत में आया।
नेपाल से सटे गांवों में मानव–वन्यजीव संघर्ष फिर सिर उठा रहा है। किसानों में डर है कि अगर गश्त और चेतावनी तंत्र मजबूत नहीं किया गया, तो अगली बार जान-माल का नुकसान टालना मुश्किल होगा।
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Published on:
12 Jan 2026 11:19 am
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