
बरेली मझगवां ब्लॉक की भोजपुर मढ़ी गोशाला में शीतलहर और भूख से चार गोवंश की मौत के बाद जांच में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। डीएम रविंद्र कुमार के निर्देश पर हुई जांच में 2.06 लाख रुपये के चारा घोटाले की पुष्टि हुई। इसमें महिला प्रधान विनीता, निलंबित सचिव शशि शेखर और पशु चिकित्साधिकारी नरेश चंद्र शर्मा शामिल पाए गए। बीडीओ अनुज कुमार ने इन तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
डीएम ने गोशाला का निरीक्षण करने पर पाया कि रजिस्टर में दर्ज 149 गोवंश के मुकाबले मौके पर सिर्फ 121 गोवंश ही मौजूद थे। वित्तीय रिकॉर्ड की जांच में चोकर खरीदने के नाम पर कूटरचित बिल और बाउचर का इस्तेमाल कर 2.06 लाख रुपये गबन किए गए। यह ऑडिट पीडी डीआरडीए चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ओमप्रकाश वर्मा की टीम ने किया।
पिछले छह महीनों में गोशाला में गोवंश की संख्या बार-बार बदली गई।
ठंड और शीतलहर से बचाव के लिए समुचित इंतजाम नहीं थे।
गुरुवार को सचिव शशि शेखर पर दूसरा मुकदमा दर्ज किया गया, जो पहले ही निलंबित हो चुके हैं।
आंवला तहसील के भोजपुर गोशाला में अब व्यवस्थाओं को सुधारने का काम चल रहा है। गोवंश को ठंड से बचाने के लिए डबल लेयर त्रिपाल लगाया जा रहा है और झूल बनाए जा रहे हैं।
उपासना जनकल्याण समिति के पंकज सिंह चौहान ने मझगवां ब्लॉक की पांच अन्य गोशालाओं का निरीक्षण किया:
राजपुर कला गोशाला: टिन शेड टूटा हुआ पाया गया, शीतलहर से बचाव के उपाय नहीं मिले।
बरा सिरसा गोशाला: चारे का प्रबंध संतोषजनक नहीं था।
अनिरुद्धपुर गोशाला: पानी के टैंक में कीड़े मिले।
महोलिया और खनगावां श्याम गोशाला: व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
Published on:
10 Jan 2025 08:46 am
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