
बरेली। धान की खरीद में हो रही गड़बड़ी रोकने के लिए आरएफसी मनिकंडन ए ने कड़ा एक्शन लिया है। राइस मिलों में अवैध रूप से जमा धान के स्टॉक की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। आरएफसी ने आदेश दिया है कि यदि राइस मिलों में बुक बैलेंस से अधिक धान का स्टॉक पाया जाता है, तो उसे जब्त कर मिल मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
सोमवार को आरएफसी ने धान खरीद की मंडलीय समीक्षा की और इस दौरान मंडी सचिव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी तथा खाद्य विभाग के अन्य अधिकारियों को जिलेवार निरीक्षण के आदेश दिए।समीक्षा में बरेली में पीसीएफ और यूपीएसएस के सेंटरों पर धान की औसतन कम खरीद दर्ज की गई, जिससे इन एजेंसियों की लापरवाही उजागर हुई। आरएफसी ने इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए यूपीएसएस के जिला प्रबंधक सुशील कुमार और पीसीएफ के जिला प्रबंधक विवेक कुमार का वेतन रोक दिया और उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
आरएफसी द्वारा गठित टीम को तीन दिन के भीतर राइस मिलों के धान स्टॉक का सत्यापन कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। धान के उठान में पारदर्शिता लाने के लिए आरएफसी ने निर्देश दिया है कि सेंटरों से धान का परिवहन जीपीएस युक्त वाहनों के माध्यम से किया जाए और 25 नवंबर तक उठान का कार्य पूरा करने को कहा गया है।
आरएफसी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सेंटरों पर घटतौली की शिकायतें मिलीं तो संबंधित फर्म को तुरंत निलंबित किया जाएगा। हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में इस साल धान की खरीद में सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि साफ सुथरा धान बगैर कंकर मिट्टी के खरीदा जाए। एफसीआई के गोदाम में उतार की भी समुचित व्यवस्था हो। इस दौरान आरएमओ सचिन कुमार, डिप्टी आरएमओ कमलेश पांडेय, डीएसओ नीरज सिंह समेत चारों जिलों के अधिकारी उपस्थित थे।
Updated on:
12 Nov 2024 11:08 am
Published on:
12 Nov 2024 11:08 am
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