
फरहद खां उर्फ गुड्डू, सुमित सक्सेना और अकील उर्फ गुडडू
बरेली। समाजवादी पार्टी के पूर्व माफिया विधायक अशरफ के पार्टनर फरहद खां उर्फ गुड्डू, पूर्व सपा पार्षद अकील उर्फ गुडडू, जिला बदर प्रापर्टी माफिया सुमित सक्सेना समेत 25 अपराधियों को एसएसपी अनुराग आर्य ने हिस्ट्रीशीटर बना दिया है। सभी की हिस्ट्रीशीट खोलने के बाद उनका एक स्पेशल कोड जारी किया गया है। सभी हिस्ट्रीशीटरों का उनके संबंधित थाने में हाजिरी रजिस्टर तैयार किया गया है। अब हर महीने उन्हें थाने जाकर अपनी हाजिरी देनी होगी।
इज्जतनगर के परतापुर जीवन सहाय निवासी मोहम्मद फरहद खां उर्फ गुड्डू उस वक्त सुर्खियों में था, जब बरेली के केंद्रीय कारागार-2 में बंद प्रयागराज के दिवंगत माफिया अतीक और अशरफ से उसने अवैध मुलाकातें की थीं। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसके पुराने नेटवर्क और संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है। उसकी पार्टनरशिप फर्मों और मोबाइल सीडीआर, रजिस्ट्री कार्यालय से उसके काले कारनामों की सूची तैयार की जा रही है।
इज्जतनगर के रहपुरा चौधरी का रहने वाला पूर्व पार्षद अकील उर्फ गुड्डू सपा का नेता है। उसके खिलाफ जानलेवा हमला और बलवा समेत 11 मुकदमे दर्ज हैं। इज्जतनगर के वीर सावरकर नगर निवासी सुमित सक्सेना के खिलाफ इज्जतनगर, प्रेमनगर, कोतवाली, बारादरी में 11 आपराधिक एफआईआर दर्ज हैं। दो महीने पहले डीएम अविनाश सिंह ने सुमित सक्सेना को जिला बदर भी किया था। इसके अलावा कैंट थाने में दानिश उर्फ आफताब और चनेहटी निवासी जावेद को भी निगरानी सूची में शामिल किया गया है। वहीं सुभाषनगर थाने में रोहित उर्फ कल्लू, रवि राणा, गुड्डू उर्फ मसरूर, गौरव, संगम गुप्ता, आकाश गुर्जर, विक्की, उस्मान उर्फ पाशा, अजय उर्फ गुल्ला, इज्जतनगर थाने में शिवम उर्फ गोलू, विकास कश्यप उर्फ भल्ला, सचिन कुमार, राहुल मौर्य और सलमान व आंवला में राशिद सैफी, फारुख कुरैशी, इस्लाम अली, रईस उर्फ सोना, मुशर्रफ खां और नबावगंज थाने में बबलू उर्फ बौरा की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। इन सभी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, गोकशी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज रहे हैं।
एसएसपी अनुराग आर्य ने हिस्ट्रीशीटरों का एक स्पेशल कोड जारी किया है। सभी की हिस्ट्रीशीट बी कैटेगरी में खोली गई है। ऐसे आरोपियों को अभ्यस्त अपराधी माना जाता है, जो कि समाज के लोगों को डरा धमकाकर गलत तरीके से काली कमाई करते हैं। एसएसपी ने बताया कि अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए यह कार्रवाई की गई है। हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद अब इन सभी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। पुलिस की टीमें इनके मूवमेंट, संपर्क और आर्थिक गतिविधियों की भी निगरानी करेंगी। ऐसे अपरधियों के पार्टनर और इन्हें सरंक्षण देने वालों पर भी कानूनी शिकंजा कसा जायेगा। इनके नेटवर्क में शामिल सभी लोगों की क्राइम कुंडली तैयार की जा रही है। एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने बताया कि अपराधी की एक बार हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद वह बंद नहीं होती है। व्यक्ति के जीवित रहने तक हिस्ट्रीशीट खुली रहती है। उसे थाने में जाकर हाजिरी देनी होती है।
Published on:
13 Apr 2026 05:30 pm
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