
बरेली। बरेली छावनी परिषद की सामान्य बोर्ड बैठक में विकास, सुशासन और जनकल्याण को लेकर बड़े और दूरगामी फैसले लिए गए। नेहरू सभागार में हुई इस अहम बैठक की अध्यक्षता ब्रिगेडियर गगनदीप सिंह, वाईएसएम ने की, जबकि सीईओ डॉ. तनु जैन (आईडीईएस) ने एजेंडे को आक्रामक अंदाज में रखते हुए छावनी के कायाकल्प की साफ तस्वीर पेश की।
बैठक में कैंट बोर्ड की सीईओ डॉ. तनु जैन द्वारा प्रस्तुत विकास, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक सुविधाओं और कर्मचारी हितों से जुड़े प्रस्तावों को बोर्ड ने एक-एक कर मंजूरी दे दी। बैठक में नामित सभासद डॉ. वैभव जायसवाल भी मौजूद रहे और सभी बिंदुओं पर सक्रिय सहयोग किया।
छावनी क्षेत्र में जल्द ही एक आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण होगा। यह ऑडिटोरियम सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सामाजिक आयोजनों और शैक्षणिक गतिविधियों का नया केंद्र बनेगा, जिससे छावनी के सांस्कृतिक जीवन को नई ऊर्जा मिलेगी। आरएन टैगोर इंटर कॉलेज समेत अन्य भवनों में अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरे और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा, जिससे सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पूरी तरह हाईटेक होगी।
छावनी क्षेत्र में एलईडी स्ट्रीटलाइटिंग, फैसलाइटिंग और प्रमुख चौकों व पार्कों के सौंदर्यीकरण को हरी झंडी मिल गई। आने वाले दिनों में छावनी का चेहरा बदला-बदला नजर आएगा। बैठक में गार्बेज टू गोल्ड सेंटर, कचरा बैंक, कचरा संपीडन केंद्र और ओपन जिम जैसी योजनाओं को मंजूरी दी गई। इन पहलों से न सिर्फ स्वच्छता बढ़ेगी, बल्कि नागरिकों को स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
छावनी के कैंट जनरल हॉस्पिटल में मेडिकल उपकरण, बेड और दवाइयों की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही अस्पताल के चार खाली कमरों में आयुर्वेदिक सेंटर स्थापित करने का फैसला लिया गया, जिसके लिए ई-नीलामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। बैठक में कर्मचारियों के हित में कई अहम फैसले लिए गए। एसीपी लाभ, ग्रेच्युटी सीमा में बढ़ोतरी और नोटेशनल इन्क्रीमेंट जैसे प्रस्तावों को मंजूरी देकर कर्मचारियों को सीधा फायदा पहुंचाया गया।
छावनी बाजारों के ई-ऑक्शन, दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण और पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग से जुड़े प्रस्ताव पारित किए गए। इससे बाजार व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और राजस्व में बढ़ोतरी होगी। सुरमई संध्या जैसे सांस्कृतिक आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने और हरित परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर सहमति बनी। छावनी अब सिर्फ सुरक्षित ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी जीवंत होगी।
बोर्ड बैठक में एक अहम फैसले के तहत गोला बाजार चौक का नाम बदलकर धोपेश्वर नाथ चौक रखने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस फैसले को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है। युगवीणा हॉल को नारी वस्त्रशाला के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां महिलाओं को सिलाई और वस्त्र निर्माण से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता का रास्ता मिलेगा।
सभी कैंट बोर्ड स्कूलों के संयुक्त स्पोर्ट्स मीट शिखर बरेली 2026 के आयोजन का फैसला लिया गया। साथ ही छावनी के पार्कों के निर्माण और विकास को भी मंजूरी दी गई। कैंट बोर्ड की सीईओ डॉ. तनु जैन ने साफ कहा कि बरेली छावनी को ग्रीन एंड क्लीन, स्मार्ट एजुकेशन, कार्बन न्यूट्रल, उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं और शून्य अपशिष्ट प्रबंधन के मॉडल पर विकसित किया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि बरेली छावनी को प्रदेश और देश की मॉडल कैंटोनमेंट बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
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Updated on:
20 Jan 2026 09:47 pm
Published on:
20 Jan 2026 09:46 pm

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