
आयुर्वेदिक कॉलेज के प्राचार्य छुट्टी पर, डॉक्टर उड़ा रहे हैं मौज, परेशान मरीज
आयुर्वेदिक कॉलेज और चिकित्सालय के प्राचार्य डॉ दिनेश कुमार पिछले दो दिनों से छुट्टी पर हैं। सोमवार को उनका ऑफिस खुला था। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जसवंत कुमार साफ सफाई कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्राचार्य दो दिन से छुट्टी पर हैं। आज आयेंगे कि नहीं इसके बारे में नहीं बता सकते। इसके अलावा चिकित्सालय में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं है। डॉक्टर के कमरों के बाहर मरीजों की भीड़ लगी है। सुबह 9 बजे से पर्चा बनवाने के बाद डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे हैं।
आयुर्वेदिक अस्पताल में नहीं होती खून तक की जांच, बाहर से लिखते हैं दवाएं
राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज दुर्दशा का शिकार होता जा रहा है। योगी सरकार ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को करोड़ों का बजट जारी किया लेकिन आयुर्वेदिक कॉलेज में एक भी जांच नहीं होती है। यहां तक की रक्त की जांच की सुविधा अस्पताल में नहीं है। बाहर से जांच कराने के लिए लिखा जाता है। इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा दवाएं भी बाहर की लिखी जाती हैं।
अस्पताल के गेट के मेडिकल पर ही मिलती हैं आयुर्वेदिक कॉलेज की दवाएं
आयुर्वेदिक कॉलेज की सांठगांठ अस्पताल के गेट पर खुले एक मेडिकल स्टोर से है। आयुर्वेदिक कॉलेज के सभी डॉक्टर ऐसी दवाएं लिखते हैं। वह केवल आयुर्वेदिक कॉलेज के गेट पर खुले मेडिकल स्टोर पर ही मिलती हैं। सांठगांठ की वजह कमीशन या कुछ और हो लेकिन मरीजों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। मेडिकल स्टोर मालिक मरीजों से अभद्रता करता है। कोई गलत दवाई मिलने पर उसे वापस नहीं करता है। दवाई वापस करने के लिए दोपहर दो बजे के बाद का समय निश्चित किया है। राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में मुफ्त दवाई लेने आ रहे मरीज परेशान हो रहे हैं। लुट रहे हैं लेकिन कोई देखने वाला नहीं है।
Published on:
26 Jun 2023 10:22 am
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