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सुहागरात के दिन दूल्हे ने ली ताकत की दवाएं, दुल्हन का किया ऐसा हाल कि पहुंची अस्पताल

ताकत की दवाओं के नशे में चूर सनकी दूल्हे ने दुल्हन के साथ घिनौना कृत्य लगातार कई बार किया। जब दुल्हन उसके इस वहशीपन का विरोध करती तो वह मुंह में कपड़ा ठूंस देता। मनोचिकित्सक इसे मनोरोग मानते हैं।

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बरेली

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Amit Sharma

Mar 07, 2019

Nagaur patrika

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बरेली। पति की हैवानियत के चलते नविवाहिता की जान पर बन आई। वहशी पति की सनक के चलते दुल्हन को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। अब नवविवाहिता के परिजन ऐसी घिनौनी हकीकत जान गुस्से में हैं। उन्होंने नवविवाहिता को अस्पताल में भर्ती कराया है साथ ही दल्हे सहित अन्य ससुरालीजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

अप्राकृतिक संबंध बनाए

शेरगढ़ की एक युवती की शादी 21 फरवरी को देवरनिया के युवक से हुई। 22 को विदा होकर नवविवाहिता अपनी ससुराल आ गई। आरोप है कि सुहागरात वाले दिन ही दूल्हे ने ताकत की दवाएं खाईं। इसके बाद उसने दुल्हन के साथ वहशीपन किया। दुल्हन के साथ लगातार कई बार अप्राकृतिक संबंध बनाए। ताकत की दवाओं के नशे में चूर सनकी दूल्हे ने दुल्हन के साथ घिनौना कृत्य लगातार कई बार किया। जब दुल्हन उसके इस वहशीपन का विरोध करती तो वह मुंह में कपड़ा ठूंस देता।

सनक का शिकार हुई दुल्हन

सनक की शिकार हुई दुल्हन की हालत बिगड़ गई लेकिन फिर भी वहशी दूल्हा नहीं रुका। दुल्हन ने पूरी बात ससुराल वालों को बताई लेकिन ससुराल वाले भी खामोश रहे। जब पानी सिर से ऊपर हो गया तो नवविवाहिता ने सारी बात अपने परिजनों को बताई। इसके बाद उसके भाई ससुराल पहुंचे। बहन की हालत देख उन्होंने विरोध जताया तो दोनों पक्षों में मारपीट की नौबत आ गई। नवविवाहिता के परिजन उसे अपने साथ मायके ले गए। इलाज के लिए नव विवाहिता को प्राईवेट अस्पताल में भर्ती कराया है। डॉक्टरों ने कहा है कि नवविवाहिता का ऑपरेशन करना पड़ेगा।

क्या कहना है पुलिस का

वहीं महिला थाने के इंस्पेक्टर लोकेश शरण ने माना है कि घटना बेहद गंभीर है। नवविवाहिता का करीब एक सप्ताह तक ससुराल में उत्पीड़न हुआ। मामला दहेज का नहीं, अप्राकृतिक संबंध बनाने का है। जांच के बाद उचित कार्रावई की जाएगी।

मनोरोग है ये

वहीं इस संबध में मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के अधीक्षक डॉ दिनेश राठौर का कहना है कि इस तरह के केस मनोविज्ञान से जुड़े हुए हैंं। ये सेक्सुअल परिवर्जन की श्रेणी में आते हैं। सामन्य तौर तरीकों के अलावा बनाए गए सेक्सुअल रिलेशन शरीर के लिए भी नेचुरल नहीं है। इसके पीछे की साइकलोजी रहती है कि व्यक्ति की पर्सनेलिटी डवलपमेंट नहीं हो पाई है। मन की हीन भावना साबित है। ऐसे लोगों को काउसंलिंग की जरूरत होती है। मनोचिकित्सक या नैदानिक मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग दे सकते हैंं।

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