बरेली। अपर जिला मजिस्ट्रेट प्रशासन ने तीन आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की है। एडीएम ई के न्यायालय से थाना क्योलड़िया के मेहताब, शेर सिंह व थाना हाफिजगंज के कृष्ण पाल उर्फ केपी को तीन माह के लिए जिला बदर कर दिया गया है। इन मामलों में संयुक्त निदेशक अभियोजन अवधेश पाण्डेय के नेतृत्व में राज्य की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी रुद्रेन्द्र श्रीवास्तव ने प्रबल पैरवी की।
मेहताब और शेर सिंह के खिलाफ दर्ज है सात मुकदमे
एसएसपी की रिपोर्ट पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई के लिए एडीएम ई के न्यायालय में मुकदमा चला। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक क्योलड़िया के आरोपी मेहताब और शेर सिंह के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज थे, जो गोवध अधिनियम, गैंगस्टर, पुलिस मुठभेड़ जैसे गंभीर अपराधों के थे। थाना हाफिजगंज के आरोपी कृष्ण पाल उर्फ केपी के खिलाफ हत्या का प्रयास, जान से मारने की धमकी देना आदि गंभीर अपराधों के तीन मुकदमे दर्ज थे।
प्रबल पैरवी के बाद दिया गया आदेश
मीडिया प्रभारी अभियोजन एपीओ विपर्णा गौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि इन मामलों में वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी रूद्रेंद्र श्रीवास्तव ने सरकार की ओर से प्रबल पैरवी करते हुए तर्क दिए कि इन तीनों आरोपियों का जनता में भय व आतंक है। इनके खिलाफ कोई रिपोर्ट लिखने और गवाही देने का साहस नहीं करता है और इनका गंभीर अपराधी के इतिहास है। इस पर एडीएम ई द्वारा आरोपी शेर सिंह, मेहताब व कृष्णपाल उर्फ केपी को तीन माह के लिए जिला बदर करते हुए उन्हें बरेली की सीमाओं से बाहर निकलने का आदेश दिया गया।