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इनकम टैक्स टीम को मिले करोड़ों की टैक्स चोरी के साक्ष्य, सीएम कार्यालय ने लिया संज्ञान, जांच के घेरे में आईएएस

बरेली। सत्य साईं बिल्डर्स और बरेली के माफिया बिल्डरों के पास से इनकम टैक्स की टीमों को करोड़ों की टैक्स चोरी के साक्ष्य मिले हैं। टीमें जब्त किए दस्तावेजों को गाड़ियों में भरकर लखनऊ ले गईं। सोमवार को इस मामले में इनकम टैक्स के आफिसर बड़ी घोषणा कर सकते हैं। वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस पूरे मामले का संज्ञान लिया है। इनकम टैक्स रेड के साथ ठेकेदारों से लेकर बिल्डरों के बारे में जानकारी तलब की गई है।

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करोड़ों के ठेके देने वाले और ब्लैक लिस्ट की फाइल दबाने वाले आईएएस भी जांच के घेरे में

सत्य साईं बिल्डर्स के मालिक नवाबगंज में दलेलनगर के रहने वाले रमेश गंगवार की मददगार आईएएस लाबी भी अब जांच के घेरे में आ गई है। इनकम टैक्स की रेड के बाद डायरी के पन्नों में कई आईएएस के नाम भी लिखे हैं। आखिरकार ब्लैक लिस्ट फर्म को करोड़ों के ठेके कौन आईएएस दिलवा रहा था। बरेली विकास प्राधिकरण से लेकर उत्तराखंड और यूपी के कई प्राधिकरणों, प्रयागराज में करीब 400 करोड़ के ठेके रमेश गंगवार को किसके इशारे पर दिए गए। अब इसकी भी जांच पड़ताल शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय से भी इसी संदर्भ में पूछताछ की गई है। इनकम टैक्स की टीमों को रमेश गंगवार को पिछले दस सालों में मिले ठेके, उनकी फर्मों, पार्टनरों और बैंक खातों से करोड़ों की टैक्स चेारी के साक्ष्य मिले हैं। रमेश गंगवार ने कई कद्दावर नेताओं, वरिष्ठ अफसरों की काली कमाई को अपने प्रोजेक्टर में लगाया। रमेश गंगवार के काफी रुपयों का लेनदेन सुनील सिंह के साथ होने की पुष्टि हुई है। इस वजह से अब माना जा रहा है कि ठेकेदार की काली कमाई को सुनील सिंह ने भी ठिकाने लगाने में पूरी मदद की है। इसकी पूरी रिपोर्ट शनिवार को इनकम टैक्स की टीमों ने अपने मुख्यालय को दी है। मुख्यालय से बरेली रेड की रिपोर्ट तैयार हो रही है। सोमवार को इनकम टैक्स आफिसर बरेली रेड के संबंध में खुलासा कर जानकारी दे सकते हैं।

स्मार्ट सिटी परियोजना का प्रोजेक्ट अधूरा, जनप्रतिनिधि की रिपोर्ट पर कुंडली मारे बैठे आईएएस

बरेली स्मार्ट सिटी में 12.84 करोड़ से किला गैराज, स्वाले नगर, पीलीभीत बाईपास और सीआई पार्क गैराज में ट्रांसफर स्टेशन तैयार होने थे। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत रमेश गंगवार की फर्म को ट्रांसफर स्टेशन के सप्लाई पार्ट पर 6.66 करोड़ और सिविल पार्ट पर 6.28 करोड़ का ठेका दिया गया। निगम सूत्रों के मुताबिक स्मार्ट सिटी की 134 परियोजनाओं में 132 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन ठेकेदार रमेश गंगवार स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को अभी तक हैंडओवर नहीं कर पाये हैं। लापरवाही की वजह से जनप्रतिनिधि ने रमेश गंगवार की फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति की। संस्तुति रिपोर्ट पर भी आईएएस कुंडली मारे बैठे हैं। इसकी भी शिकायत की गई है।

अफसर नेताओं के काट रहे चक्कर, कहीं से नहीं मिल रही आक्सीजन

पिछले तीन दिनों में जिन ठेकेदारों, बिल्डरों और प्रापर्टी डीलरों के यहां इनकम टैक्स की छापेमारी हुई है। वह अफसरों से लेकर नेताओं तक के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उन्हें कहीं से आक्सीजन नहीं मिल रही है। अफसरों ने तो मिलने से ही इनकार कर दिया है। ठेकेदार के मोबाइल नंबर को काली सूची में डाल दिया गया है। अब मददगार आईएएस लाबी भी बात करने से बच रही है। एक नेताजी ने तो यहां तक कह दिया कि इनकम टैक्स की रेड में हम क्या कर सकते हैं। आचार संहिता के दौरान इनकम टैक्स की रेड पड़ना मामूली बात नहीं है। दिल्ली के इशारे पर ही इनकम टैक्स की रेड पड़ी है। यह जानकारी मिलने के बाद तो आईएएस अफसरों के भी गले सूखने लगे हैं और ठेकेदार व प्रापर्टी डीलर का तो बुरा हाल है।