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आईपीएल : मोबाइल पर करोड़ों के ऑनलाइन सट्टे, का भंडाफोड़, गिरोह का सरगना गिरफ्तार, सात फरार, लगेगा गैंगस्टर एक्ट

प्रेमनगर क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने छापेमारी कर मुख्य आरोपी विपिन सिंह रावत (38) को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि गिरोह के सात अन्य सदस्य मौके से फरार हो गये। पुलिस ने चार मोबाइल फोन, दो डायरियां और सट्टेबाजी से जुड़े कई डिजिटल सबूत बरामद किये हैं।

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी विपिन रावत (फोटो सोर्स: पत्रिका)

बरेली। प्रेमनगर क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने छापेमारी कर मुख्य आरोपी विपिन सिंह रावत (38) को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि गिरोह के सात अन्य सदस्य मौके से फरार हो गये। पुलिस ने चार मोबाइल फोन, दो डायरियां और सट्टेबाजी से जुड़े कई डिजिटल सबूत बरामद किये हैं। प्राथमिक जांच में ₹4,07,947 के सट्टा लेन-देन का रिकॉर्ड मिला है।

प्रेमनगर इंस्पेक्टर के साथ टीम ने मारा छापा

प्रेमनगर पुलिस ने राजेन्द्र नगर स्थित सूरजभान स्कूल के पास एक मकान में ऑनलाइन सट्टे की सूचना पर टीम ने तुरंत छापा मारा। कई लोग वहां से फरार हो गये। स्थानीय निवासी विपिन सिंह रावत को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गये आरोपी के पास से मिले मोबाइल और डायरियों में बड़ी संख्या में सट्टे के नंबर और रकम दर्ज थे। साथ ही मोबाइल स्क्रीन पर लेन-देन के डिजिटल प्रमाण भी मौजूद थे।

इन लोगों के साथ मिलकर चला रहा था ऑनलाइन सट्टा

गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह अकेले नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह के साथ मिलकर यह कारोबार चला रहा था। उसके साथी हैं: सुधांशु रावत, लल्ला उर्फ हिमांशु, विपिन आनंद उर्फ चीनी, युसुफ
सुमित गंगवार, बिजेन्द्र पाहुजा, सजल ये सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। चीनी के खिलाफ हाल ही में इज्जतनगर थाने में भी एक मुकदमा दर्ज है।

पहले भी दर्ज है मामला

विपिन सिंह रावत के खिलाफ पहले भी वर्ष 2021 में जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज हो चुका है। अब दोबारा उसी अपराध में लिप्त पाये जाने पर प्रेमनगर थाने में नया मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का मानना है कि आरोपी लंबे समय से यह धंधा कर रहा था और एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहा था।

पुलिस टीम को मिली सफलता

गिरफ्तारी और छापेमारी की यह कार्रवाई प्रेमनगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर आशुतोष रघुवंशी के नेतृत्व में हुई। इस टीम में उपनिरीक्षक जगदीश चन्द्र जोशी, मो. सरताज, आशीष कुमार, हेड कांस्टेबल अनिल, प्रवीन और कांस्टेबल अनुराग, आकाश, शुभम, अमरीश शामिल रहे।

लगेगा गैंगस्टर एक्ट

एसएसपी अनुराग आर्य ने जानकारी दी कि गिरोह के सदस्यों ने संगठित अपराध के जरिये अवैध रूप से धन अर्जित किया है, इसलिए गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के संगठित अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूरे गिरोह को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

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