
बरेली। कोतवाली थाना क्षेत्र के बिहारीपुर मोहल्ले में ससुराल में रह रही पाकिस्तान निवासी इरम मंगलवार को अपने वतन लौटने के लिए रवाना हो गई। पति से विवाद और तलाक के बाद कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा कर इरम ने भारत छोड़ने का फैसला लिया।
इरम अपने दोनों बच्चों को यहीं छोड़कर पाकिस्तान जा रही है, क्योंकि बच्चों के पास पाकिस्तान जाने का वैध दस्तावेज नहीं है।
मंगलवार को इरम अपने कुछ परिजनों के साथ एलआईयू कार्यालय पहुंची। वहां उसने देश छोड़ने से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कीं। एलआईयू अधिकारियों ने इरम के रिकॉर्ड की भी जांच की। लगभग 17 वर्षों से बरेली में रह रही इरम के पास लॉन्ग टर्म वीजा था। सरकारी आदेशों के अनुसार वह चाहती तो कुछ समय और भारत में रह सकती थी, लेकिन काफी समय से वह पाकिस्तान वापसी की तैयारी कर रही थी। सूत्रों के मुताबिक इरम मंगलवार दोपहर दिल्ली के लिए रवाना हो गई। संभावना है कि वह आज या कल में फ्लाइट से पाकिस्तान चली जाएगी।
इरम ने बताया कि ससुराल पक्ष के व्यवहार से आहत होकर उसने सितंबर 2024 में ही भारत छोड़ने का निर्णय कर लिया था। चूंकि उस पर मुकदमा लंबित था, इसलिए देश नहीं छोड़ सकती थी। इस पर उसने पुलिस को मुकदमा वापस लेने का पत्र दिया। कोतवाली पुलिस ने 13 सितंबर 2024 को फाइनल रिपोर्ट लगाई, जिसे कोर्ट ने भी मंजूरी दे दी। दस दिन पहले मुकदमा पूरी तरह समाप्त हो गया।
इरम का जन्म लाहौर की निस्तार कॉलोनी में हुआ था। उनके पिता डॉ. मजाहिल हुसैन लाहौर के प्रसिद्ध चिकित्सक हैं। इरम की बुआ का निकाह बरेली में हुआ था। रिश्तेदारी के नाते बुआ ने ही इरम का रिश्ता बिहारीपुर निवासी मोहम्मद अथर से तय कराया था। आठ अप्रैल 2008 को दोनों का निकाह हुआ था। लगभग 15 साल तक दांपत्य जीवन सामान्य रहा, लेकिन 11 जून 2024 को पारिवारिक विवाद के बाद पति ने इरम को मारपीट कर घर से निकाल दिया और तलाक दे दिया।
भारत में तीन तलाक कानून के तहत इरम ने 18 जून 2024 को पति के खिलाफ कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस के हस्तक्षेप से उसे ससुराल के ही एक हिस्से में अलग कमरा मिला था, जहां वह अब तक रह रही थी। अब इरम का 15 वर्षीय बेटा शाहे नूर और 7 वर्षीय बेटी आयजा पिता के साथ भारत में ही रहेंगे।
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Published on:
30 Apr 2025 12:04 pm

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