
बदायूं। बिसौली क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक व्यक्ति की पत्नी को उसका जेल में बना दोस्त भगाकर ले गया। यह मामला उस समय चर्चा में आया जब दुष्कर्म के दोषी व्यक्ति के ससुर ने कोर्ट के आदेश पर दोस्त के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया।
घटना करीब सात साल पहले की है, जब बिसौली क्षेत्र के एक व्यक्ति पर अपने छोटे भाई की साली से दुष्कर्म का आरोप लगा था। युवती के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की, और मामले की सुनवाई कोर्ट में शुरू हुई।
इस दौरान आरोपी की मुलाकात जेल में दातागंज के एक युवक से हुई, जो चोरी के आरोप में बंद था। दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। जब दुष्कर्म के आरोपी की पत्नी उससे जेल में मिलने आती, तो वह अपने दोस्त से भी उसका परिचय कराता।
कुछ समय बाद चोरी के आरोपी को जमानत मिल गई, और वह जेल से बाहर आ गया। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने दुष्कर्म के आरोपी के घर आना-जाना शुरू कर दिया और उसकी पत्नी से भी नजदीकियां बढ़ा लीं। चार महीने पहले, जब दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, तब उसकी पत्नी और दोस्त दोनों कोर्ट में मौजूद थे। सजा के बाद उसकी पत्नी कोर्ट से बाहर आई और फिर अपने ससुराल वापस नहीं गई।
पत्नी को बहकाकर ले गया दोस्त
ससुराल वालों ने जब उसकी तलाश शुरू की, तो पता चला कि वह दातागंज निवासी उसके पति का वही दोस्त उसे भगाकर ले गया है। बताया जा रहा है कि उस युवक ने महिला को यह कहकर बहकाया कि उसका पति अब जीवन भर जेल में रहेगा, और उसने महिला से जीवन भर साथ निभाने का वादा किया। महिला अपनी बच्ची को लेकर उस युवक के साथ चली गई।
अब दुष्कर्म के दोषी के पिता ने कोर्ट के आदेश पर अपने बेटे के दोस्त के खिलाफ अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। इस घटना के बाद इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। लोग इस घटना को "जैसी करनी वैसी भरनी" और "बुरे कर्म का बुरा नतीजा" बता रहे हैं। यह विचित्र घटना समाज के सामने कई सवाल खड़े करती है और यह दिखाती है कि बुरे कर्मों का परिणाम किस तरह से सामने आ सकता है।
Published on:
22 Oct 2024 11:01 am

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