
मंगलवार को करें भैरव पूजा, सभी बाधाएं होंगी दूर, जानिए क्या करें उपाय
बरेली। मंगलवार और रविवार को Kaal Bhairav की पूजा से उपासक के सभी कष्ट दूर होते है। इनकी पूजा से परिवार में कोई कष्ट नहीं होता है साथ ही सभी तरह बाधाएं भी दूर होती है।ज्योतिषाचार्यों के अनुसार भगवान शंकर के अंश से भैरव जी की उत्पत्ति हुई थी। शिव पुराण (Shiv Puran) की शतरूद्र संहिता (Satrudra Sanhita) के अनुसार परमेश्वर सदाशिव ने मार्गशीष के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को Bhairav रूप में अवतार लिया था। अतः उन्हें साक्षात भगवान शंकर ही मानना चाहिए। पुराणों के अनुसार भैरव भगवान शिव का दूसरा रूप हैं, भैरव का अर्थ भयानक तथा पोषक दोनों हैं, इनसे काल भी सहमा रहता है। इसलिए इन्हें “काल भैरव” कहा जाता है।
ये करें उपाय
बालाजी ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य पंडित राजीव शर्मा के अनुसार भैरव जी का दिन रविवार तथा मंगलवार माना जाता है। इस दिन इनकी पूजा करने से भूत-प्रेत, बाधायें समाप्त हो जाती हैं, पुराणों के मतानुसार इस दिन गंगा स्नान एवं पितृों का तरपड़ व श्राद्ध करने के पश्चात काल भैरव की पूजा करने से साल भर के लिए लौकिक एवं परलौकिक विघ्न टल जाते हैं और उपासक की आयु बढ़ती है। इस दिन भैरव जी थोड़ी पूजा-उपासना से ही प्रसन्न होकर भक्त की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति कर देते हैं।इस दिन भैरव के वाहन श्वान (कुत्ते) का पूजन करके श्वान समूह को दूध, दही, मिठाई आदि खिलानी चाहिए। इस दिन किसी असहाय व्यक्ति को शराब की बोतल दान देने से भैरव जी अति प्रसन्न होते हैं। भैरव जी की पूजा से राहू ग्रह शान्त होता है।
इस मन्त्र का करें जाप
“ऊँ भैरवाय नमः“
Updated on:
27 Nov 2018 05:51 pm
Published on:
27 Nov 2018 11:43 am

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