
पीलीभीत। एनकाउंटर में मारे गए खालिस्तान समर्थित आतंकी गुरविंदर सिंह, वीरेंद्र और जसनप्रीत के परिवारवालों ने मजिस्ट्रियल जांच में सहयोग नहीं किया। नगर मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर की ओर से भेजे गए तीनों नोटिस का कोई जवाब नहीं मिला। मजिस्ट्रेट ने पंजाब पुलिस के माध्यम से भी संदेश भेजकर उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया, लेकिन परिवारवालों ने मना कर दिया।
पीलीभीत मजिस्ट्रेट द्वारा पंजाब भेजे गए तीनों नोटिस का कोई उत्तर नहीं आया।
एनकाउंटर में शामिल 11 पुलिसकर्मियों, शवों का पंचनामा करने वाले मजिस्ट्रेट और पोस्टमार्टम करने वाले चारों चिकित्सकों को भी नोटिस भेजे गए थे।
उनके बयान दर्ज होने के बाद मार्च के अंत तक जांच पूरी होने की संभावना है।
दूसरी ओर, आतंकियों के परिवारवालों ने मजिस्ट्रियल जांच पर अविश्वास जताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।
18 दिसंबर को पंजाब की बख्शीवाल पुलिस चौकी पर ग्रेनेड फेंकने के बाद खालिस्तानी जिंदाबाद फोर्स के आतंकी गुरविंदर, वीरेंद्र और जसनप्रीत पीलीभीत के पूरनपुर स्थित होटल हरजी में रुके थे। पंजाब पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से 23 दिसंबर की सुबह तीनों को एनकाउंटर में मार गिराया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इन आतंकियों को बब्बर खालसा इंटरनेशनल का आतंकी कुलवीर सिंह सिद्धू मदद कर रहा था। वह 2022-23 में नौ महीने तक मोहनपुर जप्ती गांव में अपने रिश्तेदार के घर रुका था और वहीं पर नेटवर्क तैयार किया था।
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Published on:
11 Feb 2025 09:00 am

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