
बरेली। ऑनलाइन शॉपिंग में पार्सल लेट होने की शिकायत करना एक महिला को भारी पड़ गया। इंटरनेट से मिला कस्टमर केयर नंबर साइबर ठगों का निकला और चंद मिनटों में ही महिला की जिंदगी की कमाई पर हाथ साफ हो गया। इज्जतनगर क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ऑनलाइन दुनिया में एक छोटी सी चूक भी बड़ा नुकसान करा सकती है।
इज्जतनगर के कर्मचारी नगर ऑफिसर्स कॉलोनी निवासी मंजू ने 19 अप्रैल को एक शॉपिंग वेबसाइट से सामान मंगाया था। तय समय पर पार्सल नहीं पहुंचा तो उन्होंने इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर खोजा। यही कदम उनके लिए मुसीबत बन गया। जिस नंबर पर उन्होंने कॉल किया, वह असली नहीं बल्कि साइबर ठगों का था। फोन उठाने वाले शख्स ने खुद को कंपनी का अधिकारी बताकर भरोसा जीत लिया और समस्या हल करने का भरोसा दिया।
ठग ने मंजू को व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी और कहा कि इसे खोलते ही शिकायत दर्ज हो जाएगी। जैसे ही महिला ने फाइल ओपन की, मोबाइल हैक हो गया। इस फाइल के जरिए ठगों को फोन का पूरा एक्सेस मिल गया और बैंकिंग से जुड़ी संवेदनशील जानकारी उनके हाथ लग गई। मोबाइल हैक होते ही साइबर अपराधियों ने तेजी से वार किया। महिला के खाते से पांच अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल सवा पांच लाख रुपये निकाल लिए गए। जब तक महिला को कुछ समझ आता, तब तक खाते से रकम साफ हो चुकी थी। घटना के बाद पीड़िता के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब ट्रांजेक्शन की डिटेल खंगाल रही है और आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में अक्सर फर्जी कस्टमर केयर नंबर और APK फाइल के जरिए लोगों को निशाना बनाया जाता है। यह घटना साफ संकेत है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जरा सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इंटरनेट से मिले नंबरों पर आंख बंद कर भरोसा न करें और किसी भी अनजान फाइल या लिंक को खोलने से बचें।
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Published on:
26 Apr 2026 07:11 pm
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