
सीए की तैयारी छोड़ शुरू किया वर्मी कम्पोस्ट का स्टार्टअप, महीने में कमाते हैं एक लाख रूपये
बरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्टार्टअप इण्डिया से प्रेरित होकर एक युवा ने सीए की पढ़ाई छोड़ वर्मी कम्पोस्ट का काम शुरू किया और युवा को इस काम में सफलता भी मिली है। न सिर्फ युवा की कमाई एक लाख रूपये प्रति माह है बल्कि वो अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहा है। इतना ही नहीं इस युवा ने 274 किसानों को भी केंचुए की खाद बनाने की ट्रेनिंग दी है जिससे ये किसान न सिर्फ अपने खेतों में जैविक खाद का प्रयोग कर रहे हैं बल्कि वो खाद बेच कर भी अपनी आय बढ़ा रहे हैं।
आईवीआरआई से ली ट्रेनिंग
बरेली के बड़ा बाईपास के रहने वाले प्रतीक बजाज ने एमकॉम के बाद सीए की पढ़ाई शुरू की लेकिन उन्होंने अपनी तैयारी बीच में ही छोड़ दी और आईवीआरआई के कृषि विज्ञान केंद्र से जैविक खाद बनाने की ट्रेनिंग ली। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट खाद बना कर आस पास के किसानों की आय को बढ़ाया है। इस खाद के प्रयोग से न सिर्फ किसान की उपज बढ़ रही है बल्कि उनकी मिटटी की सेहत भी सुधर रही है। प्रतीक बजाज का कहना है कि वो इस काम से हर माह एक लाख रूपये से ज्यादा की बचत कर लेते हैं और उन्होंने सात अन्य लोगों को भी अपने यहाँ काम पर रख रखा है।
274 किसानों को दी ट्रेनिंग
प्रतीक बजाज ने बताया कि वो कई तरह से वर्मी कम्पोस्ट बनाते हैं और आज वो एक से डेढ़ एकड़ क्षेत्र में वर्मी कम्पोस्ट और बायो कमोस्ट बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि वो दूसरे किसानों को भी इसको बनाने की ट्रेनिंग देते हैं और अब तक वो 274 किसानों को इसकी ट्रेनिंग दे चुके हैं। ये किसान अब अपने खेतों में इस खाद का प्रयोग करते हैं और इसे बेच कर भी अपनी आय बढ़ा रहे हैं। प्रतीक ने बताया कि आज के समय में कई प्रगतिशील किसानों में वर्मी कम्पोस्ट की मांग ज्यादा है और वो उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों के साथ ही राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और नेपाल तक खाद की सप्लाई करते हैं।
Published on:
10 Dec 2019 02:05 pm
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