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एसआईआर विशेष अभियान में खुली मतदाता सूची की खामियां, बूथों पर उमड़ी भीड़, जानिए क्या-क्या समस्याएं आईं सामने

जिले में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत रविवार को आयोजित विशेष दिन पर लगभग हर मतदान केंद्र मतदाताओं से गुलजार रहा। लोग नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन कराने के लिए सुबह से ही बूथों पर पहुंचते दिखे। हालांकि अभियान के दौरान यह भी सामने आया कि मतदाता सूची में त्रुटियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

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बरेली। जिले में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत रविवार को आयोजित विशेष दिन पर लगभग हर मतदान केंद्र मतदाताओं से गुलजार रहा। लोग नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन कराने के लिए सुबह से ही बूथों पर पहुंचते दिखे। हालांकि अभियान के दौरान यह भी सामने आया कि मतदाता सूची में त्रुटियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

कई बूथों पर मतदाताओं के नाम या पिता-पति के नाम में गलतियां मिलीं। कहीं उम्र गलत दर्ज है तो कहीं लिंग में ही बदलाव कर दिया गया है। कुछ स्थानों पर यह भी शिकायत मिली कि बीएलओ मौजूद नहीं थे या फिर उनके नातेदार मतदाता सूची में नाम घटाने-बढ़ाने का काम करते दिखे। मतदान केंद्रों पर सुपरवाइजर तो सक्रिय नजर आए, लेकिन निरीक्षण के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे कई जगह अव्यवस्था की स्थिति बनी रही और मतदाताओं को संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका।

आधार मान्य न होने से नाम जोड़ने में दिक्कत

मौलाना आजाद इंटर कॉलेज स्थित बूथ की बीएलओ इरम ने बताया कि उनके बूथ पर कुल 1100 मतदाताओं में से 644 पात्र पाए गए हैं। विशेष अभियान के दिन नाम बढ़ाने के लिए केवल पांच आवेदन आए। उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी समस्या जन्मतिथि प्रमाणित न हो पाने की है, क्योंकि आधार कार्ड को मान्य दस्तावेज नहीं माना जा रहा। वहीं निवास प्रमाण पत्र बनवाने में करीब 15 दिन का समय लग रहा है।

कम पढ़े-लिखे क्षेत्रों में जन्मतिथि प्रमाणन बड़ी बाधा

बरेली विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 218 की बीएलओ सलमा ने बताया कि उनके क्षेत्र में कम पढ़े-लिखे लोगों की संख्या अधिक है। अधिकांश लोगों के पास जन्मतिथि प्रमाणन के लिए हाईस्कूल की मार्कशीट नहीं है। बूथ पर पहुंचीं तकदीरन ने बताया कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, जबकि पति सगीर का नाम दर्ज है। बीएलओ के अनुसार तकदीरन ने केवल आधार कार्ड की छायाप्रति दी है और वर्ष 2003 की मतदाता सूची में भी उनका कोई लिंक नहीं मिल सका।

फर्जी और अपात्र मतदाताओं की बड़ी संख्या उजागर

बूथ संख्या 211 की बीएलओ साइस्ता तबस्सुम ने बताया कि उनके क्षेत्र में कुल 1188 मतदाता दर्ज थे। सर्वे में 75 फर्जी और 392 अपात्र मतदाता पाए गए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची से लिंक न मिलने के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। साथ ही कई लोग ऐसे भी मिले जिनके नाम गांव और शहर दोनों जगह की मतदाता सूची में दर्ज थे।

पूरे परिवार के कटे नाम, गलत फोटो से बढ़ी परेशानी

बूथ संख्या 218 पर पहुंचे जाकिर खान ने बताया कि उनका नाम मतदाता सूची से कट गया था। जब उन्होंने फार्म भरा तो उनकी जगह किसी दूसरे व्यक्ति का फोटो लगा दिया गया। बाद में संशोधन कराया गया। उन्होंने बताया कि पत्नी नरगिस खान और बेटे फैसल व अदनान के नाम भी पहले मतदाता सूची में नहीं थे। फैसल की उम्र 30 वर्ष और अदनान की 25 वर्ष है। परिवार के सभी सदस्यों के नाम जुड़े या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए वे बूथ पर पहुंचे थे।


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