
बरेली। फरीदपुर में चकबंदी विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर एंटी करप्शन टीम ने बड़ा प्रहार करते हुए चकबंदी लेखपाल अजय तेवतिया को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। किसानों से जमीन की पैमाइश कराने के नाम पर रिश्वत मांगने वाले लेखपाल को टीम ने जाल बिछाकर दबोच लिया। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया।
मल्लपुर गांव में तैनात था लेखपाल बुलंदशहर निवासी अजय तेवतिया फरीदपुर क्षेत्र के मल्लपुर गांव में चकबंदी लेखपाल के पद पर तैनात था। गांव में चकबंदी प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही किसानों से अवैध वसूली की शिकायतें सामने आने लगी थीं। आरोप है कि गांव के किसान कबीरुलहसन, उवैस और जाकिर ने अपनी जमीन की पैमाइश कराने की बात कही तो लेखपाल ने काम करने के बदले 10 हजार रुपये रिश्वत मांग ली।
रिश्वतखोरी से परेशान किसानों ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की। शिकायत मिलने के बाद प्रभारी निरीक्षक ने पूरी योजना तैयार की। बुधवार देर रात लेखपाल ने किसानों को रिश्वत की रकम लेकर फरीदपुर बुलाया। जैसे ही किसान ने लेखपाल को रुपये दिए, पहले से घात लगाए बैठी एंटी करप्शन टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
टीम ने मौके पर ही आरोपी लेखपाल के हाथ धुलवाए। केमिकल लगे नोटों के संपर्क में आने के कारण हाथों का रंग बदल गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई। इसके बाद टीम ने रिश्वत की रकम बरामद कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
फरीदपुर का चकबंदी विभाग पहले भी भ्रष्टाचार के मामलों में चर्चा में रहा है। कई अधिकारी और कर्मचारी रिश्वतखोरी के आरोप में पकड़े जा चुके हैं। ताजा कार्रवाई के बाद विभाग की कार्यशैली पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
एंटी करप्शन प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो पीड़ित सीधे 9454405475 नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
07 May 2026 11:19 am
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