बदायूं जिले की दो युवतियों ने समाज की बंदिशों को दरकिनार करते हुए मंगलवार को एक-दूसरे के साथ विवाह कर लिया। दोनों युवतियों की मुलाकात दिल्ली की एक फैक्टरी में काम के दौरान हुई थी। जीवन में मिले धोखे और दर्द ने उन्हें करीब लाया और बीते तीन माह से साथ रहने के बाद दोनों ने साथ जीने-मरने की कसम खा ली।
बरेली। बदायूं जिले की दो युवतियों ने समाज की बंदिशों को दरकिनार करते हुए मंगलवार को एक-दूसरे के साथ विवाह कर लिया। दोनों युवतियों की मुलाकात दिल्ली की एक फैक्टरी में काम के दौरान हुई थी। जीवन में मिले धोखे और दर्द ने उन्हें करीब लाया और बीते तीन माह से साथ रहने के बाद दोनों ने साथ जीने-मरने की कसम खा ली।
दोनों ने पहले मंदिर में विवाह की रस्में निभाईं, उसके बाद कचहरी में अधिवक्ताओं की निगरानी में कानूनी रूप से शादी दर्ज करवाई। विवाह के दौरान दोनों युवतियां बेहद भावुक नजर आईं।
बदायूं जिले के अलापुर क्षेत्र और शहर निवासी दोनों युवतियों को पहले अपने-अपने जीवन में प्रेम हुआ था। युवकों ने नाम और पहचान छिपाकर उन्हें झांसे में लिया और शादी के बाद सामने आया कि वे अलग समुदाय के हैं। धोखा मिलने के बाद दोनों ने संबंध तोड़ दिए और दिल्ली में नौकरी करने लगीं। दिल्ली में नौकरी के दौरान दोनों की मुलाकात हुई और जब एक-दूसरे की कहानी सुनी, तो अनुभव और भावनाएं इतनी मिलती-जुलती निकलीं कि दोनों ने एक-दूसरे का जीवन साथी बनने का निर्णय लिया।
शादी के दिन मीरा (काल्पनिक नाम) ने दुल्हन का और सपना (काल्पनिक नाम) ने दूल्हे का रूप धारण किया। मंदिर में जयमाल के साथ रस्में पूरी की गईं और फिर कचहरी पहुंचकर कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया अपनाई गई। सपना ने कहा जो धोखा हमें पुरुषों से मिला, उसकी भरपाई हम एक-दूसरे से प्यार करके करेंगे। दोनों युवतियों ने बताया कि वे पहले अपने-अपने परिवारों से संपर्क करेंगी और उन्हें अपने फैसले के बारे में बताएंगी। यदि विरोध हुआ, तो वे दिल्ली में ही जीवन व्यतीत करेंगी। दोनों ने कहा कि अब वे एक-दूसरे के साथ सुरक्षित और खुश महसूस करती हैं।
शादी की खबर मिलते ही शहर की कचहरी में हलचल मच गई। बड़ी संख्या में अधिवक्ता व अन्य लोग परिसर में एकत्र हो गए। कुछ अधिवक्ताओं ने आपत्ति भी जताई, मगर दोनों युवतियों के स्पष्ट निर्णय और दस्तावेजों की वैधता के चलते मामला शांत हो गया।