
2010 को हुए थे बरेली में दंगे
दरअसल, दो मार्च 2010 को हुए बरेली दंगे मामले में मंगलवार को सभी 13 गवाहों की गवाही पूरी हो गई थी। सबसे अंतिम बयान तत्कालीन इंस्पेक्टर व विवेचक सुभाष यादव के हुए।
कोर्ट ने मामले में तल्ख टिप्पणी भी की
इसके बाद सभी गवाहों के बयानों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट-प्रथम रवि कुमार दिवाकर ने मौलाना तौकीर रजा खां को बरेली दंगे का मास्टर माइंड माना। समन जारी कर 11 मार्च को उसे कोर्ट में तलब किया है। कोर्ट ने मामले में तल्ख टिप्पणी भी की।
पहले जेल भेजा फिर 169 की रिपोर्ट देकर जमानत कराई
कहा कि पहले पुलिस ने उसे जेल भेजा, फिर 169 की रिपोर्ट देकर जमानत कराई। पर्याप्त साक्ष्यों के बाद भी मौलाना का नाम चार्जशीट में शामिल नहीं किया। बाकायदा, तत्कालीन अफसरों पर कार्रवाई के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को आदेश की प्रति भेजने के आदेश दिए।
पुलिस ने दिया तर्क, दिल्ली में है मौलाना
समन तामील कराने के संबंध में इंस्पेक्टर प्रेमनगर आशुतोष रघुवंशी ने बताया कि मौलाना के दिल्ली में होने की जानकारी सामने आई है। जल्द ही उन्हें नोटिस तामील करा दिया जाएगा।
Published on:
08 Mar 2024 10:48 am
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