13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मनौना धाम : दुकान हटवाने के बाद महंत और उनके भाई को लेकर युवक और उसके पिता ने कह दी ये बात, पुलिस ने किया केस दर्ज

मनौना धाम के महंत ओमेंद्र चौहान और उनके भाई योगेंद्र चौहान पर गंभीर आरोप लगाने वाले रोहित यादव और उसके पिता तेजपाल उर्फ पप्पू यादव के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, महंत पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई थी। यह एफआईआर एसआई नितेश कुमार शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई।

2 min read
Google source verification

बरेली। मनौना धाम के महंत ओमेंद्र चौहान और उनके भाई योगेंद्र चौहान पर गंभीर आरोप लगाने वाले रोहित यादव और उसके पिता तेजपाल उर्फ पप्पू यादव के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, महंत पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई थी। यह एफआईआर एसआई नितेश कुमार शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई।

मोबाइल टावर पर चढ़कर महंत पर लगाए थे आरोप

गुरुवार को बरेली के आंवला के मनौना में निर्माणाधीन खाटू श्याम मंदिर के महंत ओमेंद्र चौहान और उनके भाई योगेंद्र चौहान पर रोहित यादव, निवासी मोहल्ला भुर्जी टोला, ने गंभीर आरोप लगाए थे। उसने दावा किया था कि महंत ढोंग करते हैं और उनके परिवार की जान को खतरा है।

गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे, रोहित यादव एक मोबाइल टावर पर चढ़ गया और वहां से महंत व उनके भाई को गालियां देने लगा। करीब दो घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा, जिससे बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस ने किसी तरह उसे समझा-बुझाकर नीचे उतारा।

पुलिस की कार्रवाई और आरोपों की हकीकत

पुलिस ने जांच में पाया कि रोहित यादव और उसके पिता तेजपाल यादव का आपराधिक इतिहास रहा है। सीओ नितिन कुमार ने बताया कि यह लोग नाजायज तरीके से दबाव बनाने के लिए ऐसा कर रहे थे। अगर इन्हें कोई शिकायत थी, तो उसे कानूनी तरीके से भी किया जा सकता था, लेकिन टावर पर चढ़कर माहौल खराब करना कानून व्यवस्था के लिए खतरा था।

रोहित के पिता ने भी पुलिस को दी तहरीर

रोहित के पिता तेजपाल यादव ने भी महंत के भाई योगेंद्र चौहान के खिलाफ एक तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने उसे दर्ज नहीं किया। तेजपाल का आरोप था कि उसके बेटे ने योगेंद्र को ₹26,000 देकर मनौना धाम परिसर में किराये पर दुकान ली थी, जिससे परिवार का भरण-पोषण हो रहा था। लेकिन दो महीने पहले बिना किसी पूर्व सूचना के दुकान हटा दी गई और दुकान का सामान भी ले लिया गया।

इसके बाद, महंत पक्ष ने ही रोहित के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी। इस मुद्दे को लेकर भाजपा के कुछ स्थानीय नेता भी रातभर थाने में मौजूद रहे और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश करते रहे।

पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर

शुक्रवार को एसआई नितेश कुमार शर्मा ने बताया कि रोहित का पिता उसे उकसा रहा था। इन दोनों की गतिविधियां किसी को चोट पहुंचाने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की आशंका पैदा कर रही थीं। इसी वजह से हल्का इंचार्ज की तहरीर पर रोहित यादव और उसके पिता तेजपाल यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई।