
बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा कि मुसलमानों के नाम मतदाता सूची से काटे जाने का दावा पूरी तरह बेबुनियाद है और अखिलेश यादव जानबूझकर झूठ फैलाकर जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।
बुधवार को बरेली में मीडिया से बात करते हुए मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि सीएए, एनआरसी और अब एसआईआर के नाम पर विपक्ष ने खासतौर पर मुसलमानों के भीतर डर का माहौल बनाया। अखिलेश यादव ने भी इसी डर को हवा दी। नतीजा यह हुआ कि मुसलमान पहले से ज्यादा सतर्क और जागरूक हो गए और उन्होंने बड़ी संख्या में एसआईआर के फॉर्म भरे। इसी कारण मुस्लिम मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से कटने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम किया। मृतकों, विस्थापितों और फर्जी मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि असली और पात्र मतदाताओं के नाम सूची में सुरक्षित रखे गए। इसके बावजूद अखिलेश यादव आयोग पर उंगली उठा रहे हैं, जो न सिर्फ गलत बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश है।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों ने पूरी जिम्मेदारी के साथ एसआईआर फॉर्म भरे। जो मुस्लिम मतदाता विदेशों में या देश के दूसरे हिस्सों में रह रहे थे, उन्होंने भी प्राथमिकता पर अपना फॉर्म जमा किया। उन्होंने दावा किया कि अगर किसी वर्ग ने लापरवाही दिखाई है तो वह हिंदू समाज के कुछ लोग रहे, न कि मुसलमान।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि अखिलेश यादव मुसलमानों के नाम कटने का झूठा मुद्दा उछालकर सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं। सच्चाई यह है कि मुसलमानों के नाम वोटर लिस्ट से नहीं कटे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव बार-बार झूठ बोलकर समाज में भ्रम और तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे जनता अब अच्छी तरह समझ चुकी है।
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Published on:
07 Jan 2026 05:49 pm
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