
बरेली। नगर निकाय चुनाव को लेकर सभी दल जोर शोर से चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। प्रत्याशी लोगों के बीच जाकर जीत का आशीर्वाद ले रहें है। इन सबके बीच सभी दलों की नजर मुस्लिम वोटों पर भी है क्योंकि जिले में मुस्लिम मतदाताओं की अच्छी खासी तादात है। पिछले चुनाव में मुसलमानों ने समाजवादी पार्टी का साथ दिया था जिसके कारण सपा ने पिछले नगर निकाय चुनाव में बरेली के मेयर समेत नगर पालिका और नगर पंचायत में जीत दर्ज की थी। लेकिन इस बार के चुनाव में बसपा ने मेयर के लिए मुस्लिम प्रत्याशी उतार कर सपा की बेचैनी बढ़ा दी है।
बरेली में अंतिम चरण में यानि 29 नवंबर को मतदान होगा लेकिन अभी मतदाता खामोश हैं और पार्टियां मतदाताओं का मन टटोल रही हैं खास तौर पर मुस्लिम मतदाताओं का बरेली नगर निगम में तीन लाख से ज्यादा मुस्लिम मतदाता हैं और इस वर्ग की पहली पसंद सपा है लेकिन इस बार बसपा, आईएमसी और पीस पार्टी ने भी मुस्लिम प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतार दिया है। ऐसे में ये मतदाताओं के ऊपर भी निर्भर है कि वो किस ओर जाएगा फ़िलहाल सभी दल माहौल भांपने की कोशिश में लगी हुई हैं।
भाजपा ने भी दिए मुस्लिमों को टिकट
मुस्लिम वोट बैंक की अहमियत को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने इस बार मुसलमानों को भी टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा है। भाजपा ने नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चार मुस्लिमों को टिकट दिया है साथ ही बीजेपी ने नगर निगम में पार्षद पद के लिए भी मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं। बीजेपी को उम्मीद है की इस कदम का उन्हें फायदा जरूर मिलेगा।
सपा को मुस्लिमों पर भरोसा
समाजवादी पार्टी ने जिले की चारों नगर पालिका सीट पर अध्यक्ष पद के लिए मुस्लिम प्रत्याशियों पर दांव लगाया है तो जिले की 15 नगर पंचायत सीट के लिए 13 मुस्लिम प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारा है। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी ने नगर निगम में पार्षद के लिए भी कई मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दिया है।
Published on:
18 Nov 2017 11:51 am
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