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बरेली। फतेहगंज पश्चिमी की रहने वाली सकीना की मौत भूख से नही हुई है। प्रशासन की जांच में भूख से मौत होने की पुष्टि नही हुई है। मीरगंज एसडीएम और डीएसओ की जांच में बीमारी से मौत होने की बात सामने आई है। महिला के अंत्योदय कार्ड पर पिछले महीने 36 किलो राशन दिया गया था साथ ही महिला के खाते में 4.5 हजार रुपये होने की जानकारी मिली है।
पति का ये था आरोप
सकीना के पति इशहाक ने बताया था कि उसकी पत्नी काफी दिनों से बीमार थी और घर में खाने को कुछ नहीं था। वो जब कोटेदार का पास राशन लेने गया तो कोटेदार ने बायोमेट्रिक मशीन पर उसकी पत्नी का अंगूठा मांग क्योकि पत्नी इस हाल में नही थी कि उसे कोटेदार के पास ले जाया जाता और राशन नही मिल पाया। जिसके कारण घर मे राशन उपलब्ध नही हो पाया। पत्नी की भूख से तड़प तड़प कर मौत हो गई।
15 किलो चावल और 20 किलो गेहूं मिला था
भूख से सकीना की मौत की खबर जब मीडिया में सुर्खियां बनी तो प्रशासन में हड़कम्प मच गया। डीएम आर विक्रम सिंह ने इस मामले की जांच एसडीएम मीरगंज को दी थी। एसडीएम मीरगंज अक्षयवर चौहान और डीएसओ सीमा त्रिपाठी ने मौके पर जा कर जांच की तो पता चला कि सकीना की गरीबी को देखते हुए उसका अंत्योदय कार्ड बनाया गया था पिछले महीने सात अक्टूबर को उसे 15 किलो चावल और 20 किलो गेहूं राशन कार्ड पर दिया गया था। दो महीने से सकीना बीमार थी और उसे पैरालिसिस हो गया था जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई और सकीना की मौत हो गई। गौरतलब है कि बुधवार को भूख से मरने की खबर मीडिया में आई थी।
पिछले महीने मिला था राशन
इस मामले पर जांच करने पहुँचे एसडीएम मीरगंज अक्षयवर चौहान ने बताया कि महिला की मौत भूख से नही हुई है उसने पिछले महीने कोटेदार से राशन भी लिया था।
Updated on:
16 Nov 2017 08:18 pm
Published on:
16 Nov 2017 08:13 pm
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