7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बेटा चाहिए तो दोनों शौहरों के साथ 15-15 दिन करो ये काम,पंचायत का फरमान सुन मुस्लिम महिला के पैरों तले जमीन खिसकी

अपने मासूम बेटे के छीन जाने के कारण महिला काफी परेशान है और उसने मदद के लिए समाजसेवी निदा खान से गुहार लगाई है।

2 min read
Google source verification
panchayat states if you want son, spent 15-15 days with both husbands

बेटा चाहिए तो दोनों शौहरों के साथ 15-15 दिन करो ये काम,पंचायत का फरमान सुन मुस्लिम महिला के पैरों तले जमीन खिसकी

बरेली। तलाक पीड़ित एक महिला की जिंदगी पंचायत के चक्कर में दोराहे पर आकर खड़ी हो गई है। महिला को तलाक देने वाले पहले पति ने उसका साढ़े चार साल का बेटा भी छीन लिया है। बेटे को वापस देने के लिए उसने महिला के सामने अजीब शर्त रख दी है। महिला का आरोप है कि जब वो समझौते के लिए पंचायत में गई तो उसके सामने दोनों शौहर के साथ 15-15 दिन रहने की शर्त रख दी गई।अपने मासूम बेटे के छीन जाने के कारण महिला काफी परेशान है और उसने मदद के लिए समाजसेवी निदा खान से गुहार लगाई है।

पंचायत ने रख दी शर्त

रिछा की रहने वाली अर्शी का निकाह 2012 में बहेड़ी के लईक से निकाह हुआ था। अर्शी ने बताया कि 2015 में दहेज कम देने की वजह से तलाक देकर घर से निकाल दिया। जिसके बाद वो अपने दुधमुंहे बेटे के साथ मैं मायके आ गई। 2017 में उसने बरेली में ही दूसरी शादी कर ली। अर्शी दूसरी शादी के बाद अपने पति के साथ खुश थी। इसी बीच उसकी जिंदगी में तलाक देने वाले पति ने दोबारा दस्तक दी और उसके बच्चे को छीन कर ले गया। अर्शी ने बताया कि उसने पुलिस में तहरीर दी। तीन बार एसएसपी से मिली। उनके आदेश पर भी पुलिस ने बेटा वापस नहीं दिलाया। लईक जहां काम करते हैं, वहां गिड़गिड़ाई। वहां पंचों ने फैसला सुना दिया कि 15-15 दिन दोनों शौहर के साथ रह लो।

निदा के पास पहुंची पीड़ित

अर्शी का कहना है कि उसने अपने बेटे को पाने के लिए पहले पति से काफी मिन्नतें की लेकिन उसका शौहर बेटा देने को तैयार नहीं है। उसने समझौते का प्रयास किया तो पंचों ने अजीब शर्त रख दी। पंचायत ने अर्शी से कहा कि 15-15 दिन दोनों शौहरों के साथ रह लो। जिसके बाद अर्शी ने पुलिस से भी शिकायत की लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद अब अर्शी ने मदद के लिए आला हजरत हेल्पिंग सोसायटी की अध्यक्ष निदा खान से गुहार लगाई है। वही समाजसेवी निदा खान का कहना है कि वो एसएसपी से मिल अर्शी को न्याय दिलवाएगी। निदा का कहना है कि बच्चा काफी छोटा है और साढ़े चार साल का है उसे मां की जरूरत है इसलिए बच्चा अर्शी को ही मिलना चाहिए।